देहरादून | 9 मार्च 2026
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रविवार को देहरादून के मुख्य सेवक सदन में एक भावुक और प्रेरणादायी माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम “नारी तू नारायणी” के तहत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने राज्य के अलग-अलग जिलों से आई 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया।
ये वे महिलाएं हैं, जिन्होंने शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज के लिए प्रेरणा का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “आज हम उन माताओं का सम्मान कर रहे हैं जिनके त्याग, संघर्ष और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है।”
🌄 “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”
मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज़ में कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं केवल परिवार ही नहीं संभालतीं, बल्कि खेत-खलिहानों से लेकर सामाजिक जिम्मेदारियों तक हर मोर्चे पर मजबूती से खड़ी रहती हैं।
उन्होंने कहा कि पहाड़ों में रहने वाली माताएं कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारतीं और अपने परिश्रम व साहस से आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता बनाती हैं।
“महिलाओं का स्नेह, त्याग और आशीर्वाद ही समाज की प्रगति की असली शक्ति है। पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है।” — मुख्यमंत्री धामी
👵 वरिष्ठ महिलाओं की सेवा समाज की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और वृद्ध माताओं की सेवा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्य सरकार महिलाओं, विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें प्रमुख हैं:
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वृद्धावस्था पेंशन योजना
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विधवा पेंशन योजना
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बुजुर्गों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
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जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था मजबूत करना
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क धार्मिक यात्रा सुविधा
सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की हर वृद्ध माता सम्मान और आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सके।
💬 कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने भी की मातृशक्ति की सराहना
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री Rekha Arya ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा बनती हैं।
उन्होंने कहा कि सक्रियता ही जीवन की असली ऊर्जा है और जो व्यक्ति सक्रिय रहता है, वही वास्तव में जीवन को पूरी तरह जी पाता है।
“महिला सशक्तिकरण की शुरुआत घर से होती है और वहीं से समाज और देश तक उसका विस्तार होता है।”
🎯 “Give to Gain” थी इस वर्ष की थीम
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए सचिव Chandresh Kumar Yadav ने बताया कि इस वर्ष महिला दिवस की थीम “Give to Gain” रखी गई है।
इस थीम के तहत ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया गया जो 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद समाज में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
हर जिले से निम्न, मध्यम और उच्च आय वर्ग से एक-एक महिला का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया।
🏵️ उत्तराखंड के 13 जिलों की 38 महिलाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम में देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ से आई 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इनमें पार्वती देवी नेगी, मीना रवि, डॉ. ज्योति मरवाह, धनुली नेगी, लता हर्बोला, गीता नौटियाल, उर्मिला चंद, डॉ. उर्मिला राणा, मनोरमा जोशी, हेमलता वर्मा, नीमा दफौटी, सोबती देवी, मीना शर्मा, सैयदा खातुन और दुर्गा खड़ावत सहित कई नाम शामिल रहे।
🌟 समाज के लिए प्रेरणा बनीं उत्तराखंड की माताएं
कार्यक्रम का माहौल बेहद भावुक और सम्मान से भरा रहा।
जिन माताओं ने पूरी जिंदगी संघर्ष, धैर्य और सेवा के साथ समाज को दिशा दी, आज वही माताएं मंच पर सम्मानित होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश दे रही थीं।
उत्तराखंड की पहाड़ी संस्कृति में मातृशक्ति हमेशा से सहनशीलता, मेहनत और संस्कारों का प्रतीक रही है—और यही संदेश इस कार्यक्रम से पूरे राज्य तक पहुंचा।










