देहरादून, 21 मई — साहस, सेवा और समर्पण की एक नई कहानी तब लिखी गई जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के तृतीय पर्वतारोहण अभियान ‘शौर्य’ को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में हुए इस भावपूर्ण समारोह में 44 सदस्यीय पर्वतारोहण दल को ‘केदार डोमश’ की ऊंचाईयां छूने के लिए रवाना किया गया।
🚩 जवानों की हिम्मत को सीएम ने किया सलाम
मुख्यमंत्री धामी ने एनडीआरएफ के जांबाज़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मिशन सिर्फ पर्वतारोहण नहीं, बल्कि प्रेरणा का प्रतीक है। “हमारे ये जवान ना केवल आपदा प्रबंधन के दौरान जान की परवाह किए बिना सेवा देते हैं, बल्कि अब रोमांच और साहस की दुनिया में भी युवाओं के लिए आदर्श बनकर उभर रहे हैं।”
🌍 साहसिक पर्यटन को विश्व स्तर पर ले जाने का लक्ष्य
सीएम ने बताया कि उत्तराखंड सरकार साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। राफ्टिंग, ट्रेकिंग, साइक्लिंग, ऐंगलिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों को सरकार पूरी तरह से समर्थन दे रही है। टिहरी वाटर स्पोर्ट्स और नयार महोत्सव जैसे आयोजन इस दिशा में मील के पत्थर हैं।
⚙️ आपदा प्रबंधन में तकनीक और तत्परता
सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को नए आयाम देने के लिए प्रतिबद्ध है। अत्याधुनिक उपकरणों, आधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के ज़रिए जवानों को और दक्ष बनाया जा रहा है। SDRF और इंडियन रेस्क्यू एकेडमी, पुणे के बीच हुए समझौते से भी इस दिशा में बड़ा फायदा होगा।
💰 1480 करोड़ की परियोजना से मजबूत होगा तंत्र
केंद्र सरकार के सहयोग से “उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेसीलियेंट प्रोजेक्ट” के तहत लगभग ₹1480 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य का आपदा तंत्र अधिक मजबूत और सक्षम बनेगा।
🌄 ‘केदार डोमश’ तक जोखिम भरा सफर
एनडीआरएफ के डीजी पीयूष आनंद ने बताया कि यह अभियान उत्तरकाशी से शुरू होकर गंगोत्री, चिरबासा, भोजवासा, तपोवन और कीर्ति ग्लेशियर से होकर करीब 6,832 मीटर ऊंची ‘केदार डोमश’ चोटी तक जाएगा। इस कठिन रास्ते में बर्फीले दर्रे, ग्लेशियर और दुर्गम पर्वतीय मार्ग जवानों की हिम्मत की परीक्षा लेंगे।
🤝 हर पल तैयार: रेस्क्यू टाइम भी हुआ कम
श्री आनंद ने कहा कि इस अभियान से जवानों की उच्च हिमालयी रेस्क्यू क्षमता और बढ़ेगी। उन्होंने यह भी साझा किया कि एनडीआरएफ की रेस्पॉन्स टाइम अब पहले से कहीं बेहतर हो गई है और भविष्य में इसे और कम किया जाएगा।
🏞️ पीएम मोदी की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा उत्तराखंड
सीएम धामी ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं साहसिक खेलों के लिए मुखवा भ्रमण पर आए थे और उन्होंने प्रतिभागियों को स्वयं फ्लैग ऑफ किया था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर के सीमांत गांवों को “देश का पहला गांव” कहकर उन्हें नई पहचान दी गई है।
इस खास मौके पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहेला और सचिव विनोद सुमन भी मौजूद रहे।










