उत्तराखंड में रविवार की सुबह लाखों परिवारों के लिए राहत और भरोसे की खबर लेकर आई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फरवरी 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन किश्त वन-क्लिक के जरिए सीधे लाभार्थियों के खातों में जारी कर दी।
इस डिजिटल हस्तांतरण से 9,57,651 से अधिक पेंशनार्थियों को कुल ₹141 करोड़ 91 लाख 61 हजार की राशि पारदर्शी तरीके से मिली। यह रकम सिर्फ मासिक पेंशन ही नहीं, बल्कि एरियर भुगतान भी शामिल करती है — यानी जरूरतमंदों को समय पर पूरा आर्थिक संबल। 💳✨
🎯 “हर पात्र तक पहुँचे योजना का लाभ” — सीएम धामी
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
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पेंशन प्रकरणों का समयबद्ध और त्वरित निस्तारण हो
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दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाए जाएँ
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वंचित वर्गों को जोड़ने के लिए नवाचार आधारित कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए
सीएम ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम को पेंशनार्थियों की बढ़ती संख्या का प्रमुख कारण बताया और कहा कि शिविरों का प्रभाव गाँव-गाँव तक दिख रहा है।
💰 किस योजना में कितना भुगतान?
फरवरी 2026 की किश्त के तहत विभिन्न योजनाओं में यह राशि वितरित की गई:
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वृद्धावस्था पेंशन योजना: 5,93,184 लाभार्थी | ₹1500 प्रतिमाह | ₹8897.76 लाख
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विधवा पेंशन योजना: 2,31,593 लाभार्थी | ₹1500 प्रतिमाह | ₹3473.895 लाख
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दिव्यांग पेंशन योजना: 87,477 लाभार्थी | ₹1500 प्रतिमाह | ₹1312.155 लाख
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किसान पेंशन योजना: 27,638 लाभार्थी | ₹1200 प्रतिमाह | ₹331.656 लाख
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परित्यक्ता पेंशन योजना: 8,096 लाभार्थी | ₹1200 प्रतिमाह | ₹97.24 लाख
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भरण-पोषण अनुदान योजना: 7,409 लाभार्थी | ₹700 प्रतिमाह | ₹51.86 लाख
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तीलू रौतेली पेंशन योजना: 2,125 लाभार्थी | ₹1200 प्रतिमाह | ₹25.5 लाख
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बौना पेंशन योजना: 129 लाभार्थी | ₹1200 प्रतिमाह | ₹1.55 लाख
🏔️ अंतिम व्यक्ति तक सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का संकल्प हैं।
सरकार का लक्ष्य साफ है —
👉 समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए नियमित आर्थिक आधार मिले।
👉 दूर-दराज़ पहाड़ी इलाकों में भी योजनाओं का लाभ निर्बाध पहुँचे।
बैठक में समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और पेंशन वितरण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने पर मंथन किया गया।










