देहरादून। शनिवार की संध्या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन और मरीज दोनों ही चौंक गए। सीएम ने न केवल अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया बल्कि सीधे मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानी।
सीएम ने मरीजों की हालत पूछते हुए अस्पताल की सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता पर सीधा फीडबैक लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सरकारी अस्पताल आमजन का सहारा हैं, यहां आने वाले हर मरीज और उसके परिवार का सम्मान और सुविधा सरकार की प्राथमिकता है।”
🎯 तीमारदारों को भी सुविधाएं मिलें
मुख्यमंत्री ने प्रतीक्षालय (वेटिंग एरिया) का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि मरीजों के साथ आए तिमारदारों के लिए पेयजल, पंखे और बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि “परिजन भी अस्पताल की व्यवस्था का हिस्सा हैं, उन्हें बुनियादी सुविधाएं देकर सहज माहौल देना ज़रूरी है।”
सीएम ने अस्पताल में स्वच्छता, नियमित सैनिटाइजेशन और रंग-रोगन की व्यवस्था पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल केवल इलाज की जगह नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों को मानसिक संबल देने का स्थान भी है।
🎯 ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर का निरीक्षण
सीएम धामी ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे और यहां की तकनीकी प्रक्रिया, रिकॉर्डिंग और टेस्टिंग सिस्टम की जानकारी ली। उन्होंने सेंटर में काम कर रहे स्टाफ की सराहना करते हुए इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए।
🎯 अटल आयुष्मान योजना को बताया गरीबों की संजीवनी
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया। लाभार्थियों से बातचीत में उन्होंने उनके अनुभव सुने और अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने इसे गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए “संजीवनी समान योजना” बताया और कहा कि इसकी पारदर्शिता व प्रभावी क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान अपर सचिव बंशीधर तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।










