हल्द्वानी के काठगोदाम सर्किट हाउस में शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा से हुई क्षति और पुनर्निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर के पुलों की क्षति, ओखलकांडा व धारी ब्लॉक मार्ग अवरोध और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई।
👉 जिलाधिकारी ने सीएम को बताया कि नैनीताल जिले में आपदा से अब तक लगभग ₹443 करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया है। रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी भेजी जा चुकी है। लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी और नंधौर नदी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के स्थाई समाधान के लिए DPR तैयार की जा रही है।
🚨 CM धामी का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री ने साफ कहा – “हर विभाग जिम्मेदारी तय करे। लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।”
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एक माह में सड़कों का पैचवर्क पूरा करने का आदेश।
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जल निकायों से अतिक्रमण हटाने और सुरक्षित बनाने पर जोर।
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सिंचाई विभाग को जलाशयों की de-silting योजना तत्काल पेश करने के निर्देश।
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हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर घटिया हॉटमिक्स कार्य के ठेकेदार और अधिकारी होंगे जवाबदेह।
🌧️ आपदा से डटी सरकार
सीएम ने माना कि इस बार बारिश और भूस्खलन का असर सामान्य से 2-3 गुना ज्यादा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहत और पुनर्निर्माण कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावित क्षेत्रों में तेज़ी से काम होगा।
🏥 स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
मानसून के दौरान जलभराव से फैलने वाले जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया। सीएम ने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ज़रूरी दवाएं और सुविधाएं उपलब्ध रहें और स्वास्थ्य शिविर नियमित लगाए जाएं।
💰 UPNL कर्मियों का मुद्दा
बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के UPNL कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
🤝 जनता की भागीदारी ज़रूरी
सीएम धामी ने कहा कि आपदा राहत और पुनर्निर्माण की सफलता तभी संभव है जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता मिलकर काम करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन समस्याओं के निवारण शिविर और जनता मिलन कार्यक्रम लगातार आयोजित हों।
बैठक में भाजपा विधायकगण, जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










