देहरादून, सोमवार।
बरसात के बाद की चुनौतियों और चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, पुनर्निर्माण कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं और जनसुविधाओं पर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश दिए।
सीएम धामी ने साफ कहा कि जनता को त्वरित राहत, सुरक्षा और सुविधाएं देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि बारिश खत्म होते ही मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को तेज किया जाए। आपदा प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री, भोजन, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए।
🚨 मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि नदी-नालों के पास निर्माण की अनुमति देने पर सख्त प्रतिबंध है, और इसका उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
🏥 स्वास्थ्य और स्वच्छता पर फोकस
सीएम धामी ने जिलाधिकारियों को अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करने और डेंगू, मलेरिया जैसे जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी इंतज़ाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़ा (17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक) के दौरान जिले स्तर पर स्वच्छता अभियान जोर-शोर से चलाया जाए और इसमें जिलाधिकारी खुद भी हर हफ्ते भाग लें।
🚔 कानून व्यवस्था पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों और फर्जी आईडी बनवाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और चेकिंग को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए।
🙏 चारधाम यात्रा पर विशेष ध्यान
धामी ने कहा कि मानसून के बाद चारधाम यात्रा सुचारु और सुरक्षित ढंग से संचालित हो। श्रद्धालुओं को मौसम संबंधी जानकारी समय पर मिलनी चाहिए ताकि उनकी यात्रा में कोई बाधा न आए।
📢 अन्य अहम बिंदु
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सरकारी निर्माण कार्यों में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता।
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गांव और शहरों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था पुख्ता।
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सीएम हेल्पलाइन 1905 और एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064 को और मजबूत किया जाए।
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नकली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
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डिज़ास्टर वॉलंटियर और संकट मोचन दल द्वारा नियमित मॉक ड्रिल कराई जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









