देहरादून | 5 नवंबर 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के करीब 8 लाख स्कूली विद्यार्थियों से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री आवास से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने बच्चों को दीपावली सहित आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं दीं और पढ़ाई, स्वच्छता, सुरक्षा, संस्कारों तथा जीवन के लक्ष्यों को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आने वाले समय में इस संवाद कार्यक्रम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक से जोड़ा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को और उपयोगी व प्रेरक जानकारियां मिल सकें।
🎯 त्योहारों के बहाने बच्चों को दिया संस्कारों का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों से आत्मीय अंदाज में बातचीत करते हुए उनके परिवार का हालचाल पूछा और दीपावली की तैयारियों के बारे में जाना।
उन्होंने कहा कि धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे पर्व केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं हैं। ये त्योहार परिवार और समाज में प्रेम, सहयोग तथा आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने का संदेश देते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने की भी प्रेरणा दी।
🪔 मिट्टी के दीये खरीदें, स्थानीय कारीगरों को दें बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने दीपावली पर घरों की साफ-सफाई में परिवार का हाथ बंटाने और स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता के लिए हर व्यक्ति का योगदान जरूरी है।
बच्चों को मिट्टी के दीये जलाने और स्थानीय कुम्हारों व कारीगरों के बनाए उत्पाद खरीदने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को अपनाकर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे कारीगरों और उनके परिवारों की आजीविका को सहारा मिलेगा।
⚠️ पटाखों से दूर रहें बच्चे, सुरक्षा का रखें ध्यान
त्योहारों के दौरान सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।
उन्होंने बच्चों से पटाखों से दूर रहने और दीये व फुलझड़ियां जलाते समय बड़ों की निगरानी में रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने संदेश दिया कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक हैं, जब अपनी और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।
🤖 AI और डिजिटल तकनीक से बदलेगा संवाद का स्वरूप
कार्यक्रम के भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक की मदद से अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसका उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों तक शिक्षा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन से जुड़े विषयों पर बेहतर जानकारियां पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आधुनिक तकनीक के जरिए पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर प्रदेश के शहरों और गांवों तक के विद्यार्थी एक साथ इस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं।
✍️ ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे थे सुझाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने निबंध के माध्यम से आयोजित संवाद कार्यक्रम में उत्तराखंड के विकास को लेकर अपने विचार और सुझाव साझा किए थे।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सोच और उनके सुझाव महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों से मिलने वाले उपयोगी विचारों को भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण के दौरान भी ध्यान में रखा जाएगा।
मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का दिया मंत्र
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए पढ़ाई के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भी हिस्सा लेने की सलाह दी।
उन्होंने ‘विकल्प रहित संकल्प’ का अर्थ समझाते हुए कहा कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। चुनौतियों से घबराने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से खूब पढ़ने, खेलने और नई चीजें सीखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मक सोच विकसित उत्तराखंड तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम के दौरान सचिव शिक्षा सुश्री ज्योति यादव, महानिदेशक शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोंडे और संयुक्त निदेशक श्री गोविन्द राम जायसवाल भी उपस्थित रहे।








