📰 उत्तराखंड को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए सीएम धामी की हुंकार, जनता से ली ईमानदारी की शपथ

देहरादून, 14 जुलाई:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजधानी देहरादून के बल्लीवाला क्षेत्र में एक अहम संदेश दिया — भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग सिर्फ सरकार की नहीं, पूरे समाज की है।

धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी ने राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के अपने निरंतर प्रयासों को साझा किया और मौजूद जनसमूह को “भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड” की शपथ दिलाई।

🎯 “यह सम्मान नहीं, उत्तराखंड की ईमानदारी का उत्सव है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभिनंदन समारोह केवल किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के सपने को साकार करने का उत्सव है। उन्होंने कहा, “यह सम्मान उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता का है, जो ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मूल्यों के साथ राज्य के विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।”

🌐 जनता का समर्थन सबसे बड़ी ताक़त
मुख्यमंत्री ने राज्य को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी और इसे जनता के विश्वास और सहयोग की जीत बताया। उन्होंने दोहराया कि सरकार की यह कार्रवाई किसी व्यक्तिगत विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता की आशाओं और युवाओं के सपनों की जीत है।

🛠️ तकनीक से पारदर्शिता की नई मिसाल
राज्य सरकार ने “जीरो टॉलरेंस” नीति को लागू करते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का भरपूर उपयोग किया है।
🔹 ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया
🔹 परीक्षा प्रणाली की सख्त निगरानी
🔹 जनशिकायत निवारण के लिए सीएम हेल्पलाइन 1905
🔹 भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1064

🔒 भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार और योजनाओं में कमीशनखोरी जैसी समस्याओं पर राज्य सरकार ने कठोर एक्शन लिया है।
➡️ बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजा गया है।
➡️ वहीं, पिछले चार वर्षों में 24,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

📜 सुधारों की दिशा में ठोस कदम
सीएम धामी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण और साहसिक कदम उठाए हैं:
समान नागरिक संहिता (UCC) का क्रियान्वयन
सख्त नकल विरोधी कानून
लैंड जिहाद और लव जिहाद के विरुद्ध कार्रवाई
धर्मांतरण और दंगारोधी कानूनों को लागू करना

उन्होंने कहा कि इन निर्णयों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब इच्छाशक्ति अडिग हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती।

🚨 ऑपरेशन कालनेमि: छद्म वेशधारियों पर कड़ी नजर
मुख्यमंत्री ने “ऑपरेशन कालनेमि” का ज़िक्र करते हुए कहा कि राज्य में छद्म वेशधारियों की पहचान उजागर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
अब तक 200 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि यदि ऐसे किसी संदिग्ध की जानकारी हो, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

🇮🇳 “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” की प्रेरणा से आगे बढ़ती सरकार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी शासन व्यवस्था को स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर काम हो रहा है।

📍 समारोह में मौजूद रहे कई विशिष्टजन
इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, स्वामी चिदानंद सरस्वती, श्री किशन गिरी महाराज, श्री राकेश ऑबेरॉय, श्री पंकज गुप्ता, और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की और समाज के सहयोग से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और मज़बूत बनाने का संकल्प लिया।