चमोली टनल हादसा: CM धामी ने झारखंड-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से की बात, श्रमिकों के इलाज और मदद का दिया भरोसा 🚨

देहरादून/चमोली | 14 अगस्त 2026

चमोली के मायापुर (पीपलकोटी) में THDC की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की। उन्होंने दोनों राज्यों के प्रभावित श्रमिकों की स्थिति की जानकारी साझा करते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत और बचाव अभियान के तहत 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि अन्य प्रभावित श्रमिकों के लिए बचाव प्रयास जारी हैं।

झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत

मुख्यमंत्री धामी ने टनल हादसे के संबंध में झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने उन्हें उनके राज्यों से संबंधित श्रमिकों की स्थिति और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी।

धामी ने बताया कि घटना के बाद उत्तराखंड सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव अभियान तेज किया। इसके परिणामस्वरूप 16 श्रमिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि बाकी प्रभावित श्रमिकों के लिए भी आवश्यक प्रयास लगातार जारी हैं।

रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के इलाज पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित निकाले गए श्रमिकों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ उपचार, दवाइयां, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

यदि किसी श्रमिक को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान में भेजने की आवश्यकता होती है, तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था किए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

प्रभावित श्रमिकों और परिवारों के साथ सरकार

मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की सरकारों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है और जरूरी सूचनाएं साझा की जा रही हैं।

श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार का पूरा तंत्र प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा, उपचार और सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रहा है।

टनल हादसे के बाद राहत, बचाव और चिकित्सा सहायता से जुड़े प्रयासों को प्राथमिकता के आधार पर जारी रखा जा रहा है।