उत्तराखंड में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत के बाद अब मुख्यमंत्री बनने के लिए फिर से मारामारी शुरू हो गयी है। अब तक बीजेपी के कई नवनिर्वाचित विधायक पुष्कर सिंह धामी के लिए सीट छोड़ने का ऐलान कर चुके हैं। अब इस कड़ी में डोईवाला से जीते बीजेपी विधायक बृजपढ़ना जारी रखें

पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत ने भाजपा के कब्जे में रही हरिद्वार ग्रामीण सीट पर जीत हासिल की है। अनुपमा रावत ने इस सीट पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद को हराया। अनुपमा ने चुनाव जीतने के बाद हरिद्वार की जनता का आभार जताया है। वहीं हरीश रावतपढ़ना जारी रखें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 11 मार्च को उत्तराखण्ड सरकार के मंत्रिमण्डल ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों पर विश्वास व्यक्त करते हुए प्रचंड बहुमत का जनादेश प्रदान करने पर उत्तराखण्ड राज्य की जनता का धन्यवाद व्यक्त किया है। विधान सभा सामान्य निर्वाचन में भारी बहुमतपढ़ना जारी रखें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राजभवन पहुँचे और राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। पुष्कर सिंह धामी का इस्तीफ़ा स्वीकार करते हुए राज्यपाल ने उनसे राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति होने एवं पदभार ग्रहण करने की अवधि तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है। एक तरफ उत्तराखंड मेंपढ़ना जारी रखें

उत्तराखंड में बीजेपी प्रचंड जीत की हुई है, लेकिन राज्य से सियासी चुनाव में बड़ा उलटफेर हो गया है. राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ही अपनी सीट नहीं बचा सके हैं.  पुष्कर सिंह धामी  को खटीमा सीट से हार का सामना करना पड़ा है. उन्हें 6951 मतों सेपढ़ना जारी रखें

प्रदेश की सबसे हॉट सीट हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस की अनुपमा रावत की ओपनिंग के सामने प्रदेश के सबसे कद्दावर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद बोल्ड हो गए। अनुपमा ने अपने पहले ही चुनाव में 2017 में पिता हरीश रावत की हार का बदला लेने के साथ स्वामी यतीश्वरानंद को हैट्रिकपढ़ना जारी रखें

लैंसडाउन सीट से हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं चुनाव हार गई हैं। बीजेपी के महंत दलीप ने उन्हें यहां से हराया है। अनुकृति गुसाईं की हार को हरक सिंह की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। अनुकृति गुसाईं को लैंसडाउन से चुनाव लड़ाने को लेकर हरक सिंहपढ़ना जारी रखें

उत्तराखंड में कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत को बड़ा झटका लगा है. वे अपनी लालकुआं सीट से चुनाव हार गए हैं. हरीश रावत को उत्तराखंड में पार्टी के सीएम चेहरा के रूप में देखा जा रहा था. पहले हरीश रावत को कांग्रेस ने रामनगर सीट से उम्मीदवार बनायापढ़ना जारी रखें

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में बहुमत के साथ जीत का दावा करने वाली कांग्रेस एक बार फिर फेल साबित हुई। खास बात ये है कि कांग्रेस ने प्रदेश में इस चुनाव के जरिए वापसी के लिए कई वादे किये थे, लेकिन जनता ने सभी वादों को नकारते हुए भाजपा कोपढ़ना जारी रखें

उत्तराखंड के चुनाव मुख्यमंत्री की हार को लेकर भी जाने जाते हैं। अब तक 2002 में भगत सिंह कोश्यारी ही एक मात्र ऐसे सीएम साबित हुए, जो चुनाव में जीत पाए थे। हालांकि तब कोश्यारी की पार्टी चुनाव हार गई थी। इसके बाद 2007 में एनडी तिवारी ने चुनाव नहींपढ़ना जारी रखें