आपदा में सहारा बने साधु-संत 🙏 | अखाड़ा परिषद ने दिया 34 लाख का सहयोग, सीएम धामी ने कहा– यह है उत्तराखंड की सेवा परंपरा

हरिद्वार के डामकोठी आश्रम में आज का नज़ारा भावनाओं से भरा हुआ था। अखाड़ा परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्निर्माण के लिए ₹34 लाख की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में भेंट की। इतना ही नहीं, परिषद ने एक आपदा प्रभावित गांव को गोद लेने का भी संकल्प लिया, जिसे सीएम धामी ने “सेवा और संवेदना का अनुपम उदाहरण” बताया।

मुख्यमंत्री ने साधु-संत समाज के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा—
“उत्तराखंड की सेवा परंपरा में संत समाज का योगदान सदैव अग्रणी रहा है। आपदा की इस कठिन घड़ी में उनका सहयोग न केवल पुनर्निर्माण को गति देता है, बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए आशा और संबल का भी काम करता है।”

सीएम धामी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार तेजी से पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य कर रही है और समाज के हर वर्ग से मिल रहे सहयोग से इस कार्य में और मजबूती आ रही है।

संत समाज ने भी मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि धामी स्वयं ग्राउंड जीरो पर जाकर प्रभावित परिवारों से संवाद कर रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, जो नेतृत्व की सच्ची मिसाल है।

इस मौके पर महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी महाराज, पंचायती नया अखाड़ा उदासीन के अध्यक्ष महंत धुनी दास जी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, बाबा हठयोगी और स्वामी रूपेंद्र प्रकाश समेत कई संत उपस्थित रहे।

हरिद्वार की इस मुलाकात ने साफ कर दिया कि जब बात उत्तराखंड की सेवा की आती है, तो संत समाज हमेशा सबसे आगे खड़ा नज़र आता है। 🎯