नई दिल्ली | 5 नवंबर 2026
अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों के लिए चार साल की शुरुआती सेवा के बाद दो साल की अतिरिक्त सेवा का रास्ता खोल दिया है। इस फैसले से अब अग्निवीरों को छह साल तक रक्षा बलों में सेवा देने और उसके बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर मिल सकेगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पहले से तय व्यवस्था के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। वहीं, शेष 75 प्रतिशत को स्वेच्छा से दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प मिलेगा। हालांकि, नियमित सैनिक बनने के लिए निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
🪖 75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का अतिरिक्त मौका
केंद्र सरकार के इस फैसले में सबसे बड़ा बदलाव उन 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए है, जिन्हें पहले चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर होना पड़ता था।
अब ऐसे अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इस अवधि के पूरा होने के बाद वे नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने के लिए पात्र होंगे, बशर्ते वे निर्धारित चयन प्रक्रिया और मानकों पर खरे उतरें।
वहीं, पहले की व्यवस्था के अनुसार 25 प्रतिशत अग्निवीरों का चयन चार साल की सेवा के बाद योग्यता के आधार पर नियमित सेवा के लिए किया जाएगा।
💰 दूसरी सेवा अवधि में बढ़ेगा वेतन और मिलेंगे अतिरिक्त लाभ
मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक, दो साल की दूसरी सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक दिया जाएगा।
इसके साथ ही उन्हें बेहतर सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता से जुड़े लाभ भी मिलेंगे। सरकार का उद्देश्य अग्निवीरों के भविष्य और रक्षा बलों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
📊 चार साल के प्रदर्शन से संतुष्ट रक्षा बल
रक्षा बलों ने पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के कामकाज का विस्तृत मूल्यांकन किया। इस आकलन में उनके प्रदर्शन को सकारात्मक पाया गया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अग्निवीरों ने शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, मनोबल, तकनीकी दक्षता और कार्यक्षमता के मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है।
अग्निपथ योजना के चार साल के अनुभव में कुछ प्रमुख उपलब्धियां भी सामने आई हैं:
-
देश के विभिन्न जिलों तक अग्निवीर भर्ती का दायरा बढ़ा है।
-
भर्ती प्रक्रिया पहले से अधिक मानकीकृत और पारदर्शी हुई है।
-
अग्निवीरों में शारीरिक क्षमता, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का स्तर बेहतर पाया गया है।
-
सेवा के दौरान तकनीकी कौशल और शैक्षणिक योग्यता में वृद्धि हुई है।
-
रक्षा बलों की विभिन्न शाखाओं में महिलाओं के लिए भी अवसर बढ़े हैं।
सरकार ने अग्निपथ योजना जारी रखने का लिया फैसला
चार साल के अनुभव और रक्षा बलों से मिले फीडबैक के आधार पर सरकार ने अग्निपथ योजना को जारी रखने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत दो साल की अतिरिक्त सेवा को दूसरा सेवा कार्यकाल माना जाएगा। इसके बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा, लेकिन इसके लिए अग्निवीर की सहमति और निर्धारित चयन मानदंड जरूरी होंगे।
युवाओं के लिए क्या बदलेगा?
इस फैसले से अग्निवीरों को सेना में अधिक समय तक काम करने, अपने कौशल को निखारने और नियमित सैनिक बनने के लिए एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
खास बात यह है कि अब चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अग्निवीरों के सामने सीधे सेवा समाप्त होने की स्थिति नहीं होगी। शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल और सेवा करने का विकल्प मिलेगा।
हालांकि, इसे सभी अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति नहीं समझना चाहिए। नियमित सेवा में भर्ती चयन प्रक्रिया और निर्धारित योग्यताओं पर निर्भर करेगी।








