देहरादून | 1 नवंबर 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2026 में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने गोरखा समाज की वीरता, राष्ट्रभक्ति और उत्तराखंड के विकास में योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने समाज की भाषा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही सीमांत क्षेत्रों में सड़क, पुल, व्यापार और कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी भी दी।
🇮🇳 गोरखा समाज की वीरता पर पूरे देश को गर्व: धामी
वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखा समाज को दशैं और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आपसी एकजुटता को प्रदर्शित करता है।
मुख्यमंत्री ने गोरखा समाज के साहस और बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में इस समाज के वीर जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने गोरखा समाज के आदर्श वाक्य “कायर हुनुभन्दा मर्नु राम्रो” का उल्लेख करते हुए इसका अर्थ बताया कि कायर बनकर जीने से बेहतर है वीरता के साथ प्राण न्योछावर करना। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह विचार समाज के साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
🎭 नेपाली भाषा और संस्कृति के संरक्षण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखा समाज ने सैन्य सेवाओं के अलावा शिक्षा, खेल, कला, साहित्य और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में भी उत्तराखंड को महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोरखा समाज की भाषा और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए प्रयासरत है।
इसी क्रम में हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में नेपाली भाषा के अध्ययन के लिए डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा नेपाली भाषा और साहित्य को संस्थागत प्रोत्साहन देने के लिए नेपाली अकादमी को उत्तराखंड भाषा संस्थान के दायरे में लाने की पहल भी की गई है।
🇮🇳 भारत-नेपाल के रिश्तों को बताया सदियों पुराना
मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। इनके पीछे गहरे पारिवारिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता लंबे समय से कायम है। सीमांत क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्होंने बचपन से ही दोनों देशों के बीच साझा संस्कृति और पारिवारिक जुड़ाव को करीब से देखा है।
🛣️ सीमांत क्षेत्रों में 368 करोड़ की लागत से बन रही इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, व्यापार और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए चल रही परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि बनबसा में लगभग 368 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्र में ड्राई पोर्ट विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में छारछुम पुल परियोजना के जरिए भारत और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के बीच आवागमन और व्यापारिक संपर्क बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
🚧 सितारगंज-टनकपुर मार्ग पर 246 करोड़ की चार लेन कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री के अनुसार, भारतमाला परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर सितारगंज-टनकपुर मार्ग से बनबसा स्थित भारत-नेपाल सीमा तक चार लेन कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है।
इस परियोजना पर लगभग 246 करोड़ 86 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने महाकाली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने इसे जलविद्युत उत्पादन, सिंचाई और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से सीमांत क्षेत्रों में सड़क, पुल, परिवहन और व्यापारिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
👩👧 उत्तराखंड की 3 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण के लिए संचालित योजनाओं की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। ये महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) का भी उल्लेख करते हुए इसे महिलाओं को समान अधिकार और न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
🎯 सांस्कृतिक विरासत और विकास में गोरखा समाज की भागीदारी अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशैं और दीपावली जैसे त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने का माध्यम भी हैं।
उन्होंने वीर गोरखा कल्याण समिति के पदाधिकारियों और आयोजन से जुड़े लोगों की सराहना की। साथ ही विश्वास जताया कि गोरखा समाज की सक्रिय भागीदारी से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गोरखा समाज के गणमान्य व्यक्ति, वीर गोरखा कल्याण समिति के पदाधिकारी और सदस्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।










