चारधाम यात्रा 2026: नवंबर में बंद होंगे चारों धाम के कपाट, जानिए गंगोत्री से बदरीनाथ तक की तारीख और समय

देहरादून | 30 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 अब समापन की ओर बढ़ रही है। सर्दियों के आगमन के साथ गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर समितियों की ओर से कपाट बंद होने की तिथियां और समय निर्धारित कर दिए गए हैं। इस वर्ष सबसे पहले 10 नवंबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद होंगे, जबकि सबसे आखिर में 16 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद किए जाएंगे।

🛕 किस दिन बंद होंगे चारों धाम के कपाट?

चारधाम यात्रा 2026 के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को दोपहर 12:05 बजे बंद होंगे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को सुबह 10:28 बजे और केदारनाथ धाम के कपाट उसी दिन सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।

बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9:37 बजे बंद होंगे। इसके साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा का समापन हो जाएगा।

📅 चारधाम कपाट बंद होने का पूरा कार्यक्रम

  • गंगोत्री धाम: 10 नवंबर 2026, दोपहर 12:05 बजे (अन्नकूट पर्व)
  • यमुनोत्री धाम: 11 नवंबर 2026, सुबह 10:28 बजे (भैया दूज)
  • केदारनाथ धाम: 11 नवंबर 2026, सुबह 8:30 बजे (भैया दूज)
  • बदरीनाथ धाम: 16 नवंबर 2026, रात 9:37 बजे।

❄️ कपाट बंद होने के बाद यहां होंगे शीतकालीन दर्शन

चारों धाम के कपाट बंद होने के बाद भगवान की पूजा-अर्चना शीतकालीन गद्दीस्थलों पर जारी रहेगी। गंगोत्री धाम की उत्सव डोली मुखबा गांव पहुंचेगी, जबकि मां यमुना की डोली खरसाली में विराजमान होगी।

वहीं, भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में होगी। बदरीनाथ धाम की शीतकालीन धार्मिक परंपराएं पांडुकेश्वर और ज्योतिर्मठ से जुड़ी हैं।

🙏 शीतकाल के लिए बंद होंगे मंदिरों के कपाट

हिमालयी क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारी ठंड और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए हर साल परंपरा के अनुसार चारों धाम के कपाट बंद किए जाते हैं। इस दौरान श्रद्धालु संबंधित शीतकालीन पूजा स्थलों पर दर्शन कर सकेंगे।

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवंबर में कपाट बंद होने के साथ ही वर्ष 2026 की यात्रा का समापन हो जाएगा।