पीएम मोदी ने 54वीं प्रगति बैठक में की 16 हजार करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा, रेलवे स्टेशनों पर दिया बड़ा जोर

नई दिल्ली | 28 अक्टूबर 2026

🇮🇳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 54वीं ‘प्रगति’ बैठक की अध्यक्षता करते हुए 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, बल्क ड्रग पार्कों में दवा निर्माण से जुड़े कच्चे माल के घरेलू उत्पादन और कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल बजट खर्च करने से नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में आने वाले वास्तविक बदलावों से आंकी जानी चाहिए।

🚆 प्रमुख रेलवे स्टेशन बनेंगे मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के विकास कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा और आवागमन को आसान बनाने के लिए बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी जरूरी है।

पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि उन्हें मेट्रो और परिवहन के दूसरे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके।

💊 दवा निर्माण में आत्मनिर्भरता पर जोर, API का घरेलू उत्पादन बढ़ाने की जरूरत

आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्कों से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कच्चे माल का देश में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने विशेष रूप से एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने की बात कही। इसका उद्देश्य इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।

🏬 ‘पीएम एकता मॉल’ से स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को जोड़ने की तैयारी

बैठक में ‘पीएम एकता मॉल’ की भूमिका पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन मॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलना चाहिए और कारीगरों को अपनी आजीविका बेहतर बनाने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने इन केंद्रों को पर्यटन और स्थानीय कारोबार से जोड़ने पर जोर दिया। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन जैसी गतिविधियों में रोजगार के अवसर पैदा करने की संभावना पर भी ध्यान दिलाया गया।

प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिवों को इन परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए।

📊 सरकारी योजनाओं में खर्च से ज्यादा नतीजों पर ध्यान

प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा कि वे हर महीने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करें। साथ ही, योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आने वाली कमियों को दूर किया जाए, ताकि पात्र लोगों तक लाभ समय पर पहुंच सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन खर्च करने के आंकड़ों के बजाय यह देखना जरूरी है कि उससे नागरिकों के जीवन में कितना वास्तविक सुधार हुआ है।

विकास से वंचित क्षेत्रों पर भी निगरानी के निर्देश

आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों में विभिन्न योजनाओं के बेहतर तालमेल, नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही को महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शासन व्यवस्था को मजबूत करने और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बेहतर बनाने के प्रयासों से करीब 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है। यह आंकड़ा सरकारी जानकारी के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।

📢 परियोजनाओं में देरी रोकने के लिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश

प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को परियोजनाओं के रास्ते में आने वाली बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय तथा वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर नियमित निगरानी की जरूरत बताई।

उन्होंने समय पर निर्णय लेने, संभावित समस्याओं की पहले से पहचान करने और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया, ताकि विकास परियोजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।