लखनऊ, 29 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। मुख्यमंत्री ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा। इस दौरान लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, शहरी नियोजन और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की 28 अक्टूबर की प्रेस रिलीज के अनुसार, सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री की फरवरी 2026 की सिंगापुर यात्रा के बाद उत्तर प्रदेश पहुंचा है।
जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ विकसित करने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल के सामने जेवर एयरपोर्ट के नजदीक समर्पित ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि बेहतर एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संगम से जुड़ा यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण सप्लाई चेन हब बन सकता है।
सरकार के मुताबिक, प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
छह प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं
बैठक में दोनों पक्षों के बीच छह प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया गया। इनमें मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर एवं क्लाउड सेवाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ तकनीक शामिल हैं।
इसके अलावा, शहरी नियोजन, जल पुनर्चक्रण, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं के विकास में सिंगापुर की विशेषज्ञता का लाभ लेने पर भी चर्चा हुई। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में आधुनिक होटल, कन्वेंशन सेंटर और हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं के विकास की संभावनाएं भी सामने रखी गईं।
₹775 करोड़ के पैकेजिंग हब के लिए पात्रता प्रमाणपत्र
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान किया। कंपनी को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-8डी में 50 एकड़ भूमि पर ₹775 करोड़ की लागत से एकीकृत विनिर्माण ‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब’ स्थापित करने के लिए यह प्रमाणपत्र दिया गया।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी शामिल है और इससे 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
कृषि प्रसंस्करण और कचरा प्रबंधन में भी समझौते
प्रदेश में निवेश को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट के उत्पादन के लिए नई विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी।
वहीं, ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं को लेकर भी एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। प्रस्तावित योजना के तहत नोएडा के सेक्टर-145 में पुराने कचरे के उपचार और सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन ताजा कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता वाला संयंत्र स्थापित करने पर काम किया जाएगा। कंपनी का अनुमानित निवेश ₹250 करोड़ से ₹350 करोड़ बताया गया है। इन परियोजनाओं से 100 से 120 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
निवेश से रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियां अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए नए अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। सरकार की ओर से निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और परियोजनाओं को उत्पादन तक पहुंचाने में सहयोग देने की बात भी कही गई।
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक क्षेत्रों और निवेश संबंधी व्यवस्थाओं की सराहना की। बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना तथा निवेश प्रस्तावों को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलना रहा।











