नई दिल्ली | 22 अक्टूबर 2026
देश में नशे के कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्र सरकार ने अभियान तेज करने का आह्वान किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस बलों से अपील की है कि वे मिलकर काम करें, ताकि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशे के खतरे से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
अमित शाह ने यह बात बुधवार, 21 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने नशे की समस्या को देश की भावी पीढ़ी, अर्थव्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया।
युवाओं के भविष्य पर नशे का खतरा
गृह मंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग आने वाली पीढ़ियों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा, नशे का कारोबार अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालता है और इससे देशविरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक मदद मिलने का खतरा भी रहता है।
उन्होंने पुलिस बलों से सरकार की ‘नशामुक्त भारत’ की रूपरेखा को जमीन पर लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 2026 के शेष महीनों के साथ 2027, 2028 और 2029 तक सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया है।
‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने ‘Fight Against Drugs’ संदेश के साथ देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई। इस रैली में विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के करीब 90 राइडर्स शामिल हैं।
इस अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस लड़ाई से जोड़ना है। रैली में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागी शामिल हैं। रैली के प्रतिभागियों को गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाली एकता परेड में भी भाग लेना है।
पुलिस जवानों के बलिदान को किया याद
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर गृह मंत्री ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अमित शाह ने चुनाव, त्योहारों, विरोध प्रदर्शनों और सीमाओं की सुरक्षा के दौरान तैनात रहने वाले जवानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अक्सर अपने परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं।
लक्ष्य हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
सरकार का घोषित लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशे की समस्या से मुक्त करने का है। इसके लिए पुलिस कार्रवाई, नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक और जन-जागरूकता जैसे प्रयास महत्वपूर्ण होंगे।
हालांकि, यह एक निर्धारित लक्ष्य है, जिसकी सफलता प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों पर निर्भर करेगी। आने वाले वर्षों में नशे के खिलाफ अभियान किस तरह आगे बढ़ता है, इस पर देशभर की नजर रहेगी।








