उत्तराखंड में ग्रीन इंडिया मिशन से रोजगार और आजीविका को मिलेगा बढ़ावा, 2031 तक की योजना पर जोर

देहरादून | 21 अक्टूबर 2026

🌿 उत्तराखंड में ग्रीन इंडिया मिशन के जरिए वन संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने वर्ष 2031 तक की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य योजना को लागू करने के लिए 559.16 करोड़ रुपये की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है।

🌱 वन संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने पर फोकस

सचिवालय में बुधवार को प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में राज्य वन विकास अभिकरण की सातवीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक हुई। इसमें ग्रीन इंडिया मिशन (GIM) की अगले पांच वर्षों की योजना की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वन संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के साथ स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया।

प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में मिशन के तहत आजीविका संवर्धन से संबंधित कार्यों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।

🌿 वन पंचायतों में भी लगाए जाएंगे सी-बकथोर्न के पौधे

बैठक में वन पंचायतों में सी-बकथोर्न का पौधरोपण करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही आजीविका बढ़ाने से जुड़े विषयों पर जल्द बैठक आयोजित करने को कहा गया।

सी-बकथोर्न के पौधरोपण और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को लेकर विभागीय स्तर पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

💰 ग्रीन इंडिया मिशन के लिए 559.16 करोड़ रुपये की जरूरत का आकलन

राज्य वन विकास अभिकरण (SFDA) के अंतर्गत वर्तमान में तीन प्रमुख योजनाएं संचालित की जा रही हैं:

  • ग्रीन इंडिया मिशन (GIM)

  • नगर वन योजना

  • स्कूल नर्सरी योजना

अभिकरण का वर्ष 2031 तक के लिए नवीनीकरण किया गया है। बैठक में मिशन की परिप्रेक्ष्य योजना, राज्य वन विकास अभिकरण की कार्यकारिणी समिति तथा केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी साझा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन इंडिया मिशन के तहत तीन सब-मिशन में कार्य किए जाने हैं। मौजूदा परिप्रेक्ष्य योजना को लागू करने के लिए कुल 559.16 करोड़ रुपये की वित्तीय आवश्यकता आकलित की गई है।

📊 31.45 करोड़ रुपये की वार्षिक परिचालन योजना केंद्र को भेजी

बैठक में पिछली यानी छठी राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ग्रीन इंडिया मिशन और अन्य योजनाओं के तहत सफल पौधरोपण को लेकर नोडल अधिकारी की ओर से दिए गए सुझाव सभी प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) को भेजे गए हैं।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ग्रीन इंडिया मिशन के नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 और मई 2026 में कुल 31.45 करोड़ रुपये की वार्षिक परिचालन योजना (APO) भारत सरकार को भेजी गई है।

धनराशि स्वीकृत होने और जारी किए जाने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका के विकास से जुड़े कार्य व्यापक स्तर पर किए जाएंगे।

👥 बैठक में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल

बैठक में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) कपिल लाल, पीसीसीएफ (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल, एपीसीसीएफ (प्रोजेक्ट) विवेक पांडेय, अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी (वन संरक्षण) मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव नवनीत पांडेय और विक्रम सिंह यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने बैठक में भौतिक और वर्चुअल, दोनों माध्यमों से भाग लिया।