पुलिस स्मृति दिवस पर CM योगी ने शहीद जवानों को किया नमन, बोले- नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं

लखनऊ | 21 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद जवानों के शौर्य, साहस और समर्पण को देश और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनके परिवारों के त्याग का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

‘कानून से ऊपर कोई नहीं’, CM योगी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि वीर पुलिसकर्मियों ने देश की सुरक्षा, समाज की शांति और नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका साहस और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माफिया राज और अराजक तत्वों का प्रभाव था। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान कानून की रक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को अपने प्राण गंवाने पड़े थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है। प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखना सरकार का संकल्प है।

पुलिसकर्मियों का बलिदान देश के लिए प्रेरणा

पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन उन पुलिसकर्मियों की वीरता और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी जान गंवाई।

इस दिवस का ऐतिहासिक संबंध 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में हर साल यह दिवस मनाया जाता है।

सुरक्षित उत्तर प्रदेश बनाए रखने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान और उनके परिवारों के योगदान को सदैव याद रखा जाना चाहिए। सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश में कानून का शासन मजबूत रहे और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिले।

पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि पुलिस बल के प्रति सम्मान और नागरिकों की सुरक्षा के लिए उसकी जिम्मेदारी को याद करने का दिन भी है।