देहरादून | 14 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ चार घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि सड़कों की मरम्मत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सीवर-पेयजल के अधूरे काम 1 नवंबर तक पूरे किए जाएं और हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों में देरी होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
🚧 सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश, गुणवत्ता पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करने और लंबित मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।
धामी ने कहा कि वह जल्द ही सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। निरीक्षण के दौरान सड़कें टूटी मिलने या मरम्मत में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
🏗️ सीवर और पेयजल के अधूरे काम 1 नवंबर तक पूरे हों
सीवर और पेयजल पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर तक अधूरे कार्य पूरे किए जाएं और खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को परेशानी न हो।
🧹 शहरों में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी
मुख्यमंत्री ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य नगरीय निकायों को नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर कूड़ा जमा नहीं होने देना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था का लगातार निरीक्षण करने और कमी मिलने पर तुरंत सुधार कराने को कहा।
📑 राजस्व मामलों में देरी नहीं, लोगों को बार-बार दफ्तर न बुलाएं
धामी ने पटवारियों और तहसीलदारों को राजस्व मामलों का नियमानुसार और समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कामों के लिए आम लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिलाधिकारियों को लंबित मामलों की समीक्षा करने और अनावश्यक देरी के कारणों का पता लगाकर जिम्मेदारी तय करने को कहा गया।
👮 शिकायतों पर सुनवाई और संज्ञेय अपराधों में तत्काल FIR
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि थाने या चौकी में शिकायत लेकर आने वाले हर व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए। संज्ञेय अपराधों के मामलों में नियमानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शीघ्र की जाए।
उन्होंने अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, जनशिकायतों के निस्तारण और थाना-चौकी स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने को भी कहा।
🎉 नवरात्र और दीपावली पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आगामी नवरात्र और दीपावली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए।
पार्किंग, यातायात डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
🔎 ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में तेजी
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने तथा संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
🚦 मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए बने ट्रैफिक प्लान
आगामी पर्यटन और यात्रा सीजन को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए पहले से यातायात योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पुलिस को पार्किंग स्थलों, वैकल्पिक मार्गों और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने को कहा गया।
🕉️ कुंभ-2027 की हर सप्ताह होगी समीक्षा
हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। सड़क, पुल, घाट, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और पार्किंग से जुड़ी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र में तैयार हो चुके घाटों, सड़कों, पार्किंग स्थलों, अस्पतालों और अन्य सुविधाओं का संयुक्त निरीक्षण करने को कहा गया। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को दूर करने और परियोजनाओं में देरी के कारणों का समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।
🆘 आपदा प्रभावितों को राहत और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को आपदा प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया।
पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों तथा एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ स्वास्थ्य वैन को दुरुस्त रखने और निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए गए।
🐆 भालू और तेंदुए के हमलों को रोकने के लिए बने कार्ययोजना
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, जनजागरूकता और सुरक्षा उपाय मजबूत करने को कहा। भालू और तेंदुए के हमलों से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार जल्द मुआवजा देने तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
🗳️ मतदाता सूची और जिला योजना के कामों की भी समीक्षा
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने, अपात्र प्रविष्टियों के नियमानुसार निस्तारण और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्य समयसीमा में पूरे करने और जारी धनराशि का नियमानुसार प्रभावी उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
📋 हर 15 दिन में जिलों का दौरा करेंगे प्रभारी सचिव
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित प्रभारी सचिव हर 15 दिन में अपने आवंटित जिलों का भ्रमण करें। इस दौरान विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनसुविधाओं और कानून-व्यवस्था की जिला एवं विकासखंड स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आयुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर कामकाज की वास्तविक स्थिति देखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही, अनावश्यक देरी या जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।










