नई दिल्ली | 8 अक्टूबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी परिषद की ओर से अनुमोदित सुधारों के नए दौर का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी संबंधी प्रावधानों को हटाने, कुछ अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने की सिफारिशों से करदाताओं और कारोबारियों को लाभ मिल सकता है।
📌 जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने पर फोकस
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में जीएसटी सुधारों को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल कर व्यवस्था की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
उन्होंने विशेष रूप से गिरफ्तारी के प्रावधानों में बदलाव, अपराधों के डिक्रिमिनलाइजेशन और प्रक्रियाओं को आसान बनाने से जुड़ी सिफारिशों का उल्लेख किया।
💼 कारोबारियों के लिए क्या हैं प्रमुख लक्ष्य?
प्रधानमंत्री के संदेश के मुताबिक, प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था में अनुपालन की लागत कम करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
इन प्रयासों में चार प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
- ⚡ तेज फैसले: कर संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी लाना।
- 💰 कम अनुपालन लागत: कारोबारियों के लिए नियमों का पालन आसान बनाना।
- 🔄 ऑटोमेटेड रिफंड: रिफंड प्रक्रिया को स्वचालित बनाने पर जोर।
- 🤝 भरोसे पर आधारित प्रशासन: करदाताओं और कर प्रशासन के बीच विश्वास को बढ़ावा देना।
🏛️ पारदर्शी कर प्रणाली बनाने की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सिफारिशों का उद्देश्य जीएसटी को अधिक प्रभावी और आम नागरिकों के अनुकूल बनाना है। उनके अनुसार, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और भरोसे पर आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने से कर व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
हालांकि, इन बदलावों का वास्तविक प्रभाव संबंधित प्रावधानों के अंतिम स्वरूप और उनके लागू होने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।








