पिथौरागढ़/देहरादून | 8 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में तीन मंजिला पार्किंग बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रस्तावित पार्किंग में 43 कारें खड़ी की जा सकेंगी। परियोजना के पुनरीक्षित आगणन पर शासन स्तर पर चर्चा हुई है, जिसमें लागत बढ़ने के कारणों और प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया पर विचार किया गया।
💰 959.47 लाख रुपये के संशोधित आगणन पर चर्चा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज की है। आवास सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक में परियोजना के तकनीकी पहलुओं और संशोधित लागत पर चर्चा हुई।
पिथौरागढ़ के प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार पुनरीक्षित आगणन को तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित टीएसी ने 959.47 लाख रुपये की लागत के साथ अनुमोदित किया है। अब इस पर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में विचार किया जा रहा है।
शासनादेश संख्या 199681/2024 के तहत 16 मार्च 2024 को परियोजना की कुल लागत का 40 प्रतिशत यानी 270.61 लाख रुपये जारी किए गए थे। निर्माण की आवश्यकताओं और अतिरिक्त प्रावधानों के चलते संशोधित आगणन में 282.93 लाख रुपये की वृद्धि हुई है।
🏗️ दो लिफ्ट और अन्य सुविधाएं भी होंगी शामिल
परियोजना के संशोधित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं। इन मदों के कारण बढ़ी लागत पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
समिति ने लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता को निर्देश दिए कि अतिरिक्त लागत के कारणों को लिखित रूप में स्पष्ट किया जाए और विस्तृत जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद नियमानुसार स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
🚘 न्यायालय आने वालों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगी सुविधा
प्रस्तावित पार्किंग मार्केट वाली रोड पर बनाई जानी है। इससे जिला न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ आम नागरिकों को भी पार्किंग की सुविधा मिल सकेगी।
पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी शहर में सीमित जगह के बीच बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने में मददगार हो सकता है। 43 कारों की क्षमता वाली इस पार्किंग में दो लिफ्ट का प्रावधान भी किया गया है।
📢 पार्किंग शुल्क तय करने के निर्देश
बैठक में पार्किंग के संचालन से संबंधित व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पार्किंग के लिए शुल्क निर्धारित किया जाए। इसके लिए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
शुल्क निर्धारण का उद्देश्य पार्किंग के नियमित संचालन और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने क्या कहा?
आवास सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित पार्किंग का उद्देश्य न्यायालय आने वाले लोगों के साथ आम नागरिकों को भी व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि संशोधित लागत में शामिल अतिरिक्त मदों का स्पष्ट विवरण मांगा गया है, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार आगे बढ़ाई जा सके।
फिलहाल परियोजना के पुनरीक्षित आगणन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।








