देहरादून | 06 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में जनपदों से जुड़े शासन स्तर पर लंबित मामलों को अब तेजी से निपटाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। 📢
उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि वे संबंधित विभागाध्यक्षों से सीधे समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान कराएं और जरूरत पड़ने पर विभागीय उच्चाधिकारियों से भी संपर्क करें।
सड़कों और निर्माण कार्यों के मामलों को प्राथमिकता
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जनपदों से संबंधित लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली और उनके निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि जनपदों के विकास कार्यों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सड़क, पुल, भवन और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
जिन मामलों में विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जाना है, उनमें भी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी सीधे विभागाध्यक्षों से करें संवाद
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में विभागाध्यक्ष स्तर पर समन्वय जरूरी है, वहां जिलाधिकारी सीधे संबंधित विभागाध्यक्ष से बातचीत कर समाधान निकालें।
उन्होंने कहा कि शासन और जिलों के बीच प्रभावी तालमेल से लंबित मामलों को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी। 🎯
हर महीने पहले मंगलवार को हो रही समीक्षा
जनपदों से जुड़े शासन स्तर के लंबित प्रकरणों के लिए हर माह के प्रथम मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है।
बैठक में विभिन्न जिलाधिकारियों ने इस व्यवस्था को उपयोगी बताते हुए कहा कि नियमित समीक्षा और विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ सीधे समन्वय से जनपदों के वर्षों से लंबित कई मामलों के समाधान में तेजी आई है।
अधिकारियों के अनुसार नियमित निगरानी के कारण लंबित प्रकरणों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल और राजेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनन्द स्वरूप तथा विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।










