🇮🇳 बनबसा पहुंची धामी सरकार, सीमांत क्षेत्र में पहली बार कैबिनेट बैठक; विकास और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस

देहरादून/चम्पावत | 4 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड में शासन को राजधानी से बाहर ले जाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक अहम पहल की है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत के बनबसा में आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। खास बात यह है कि चम्पावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक हो रही है।

सीएम धामी ने कहा कि अब मंत्रिमंडल की बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। इन्हें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी आयोजित किया जाएगा, ताकि स्थानीय समस्याओं और विकास की जरूरतों को शासन के स्तर पर सीधे समझा जा सके। 📢

🏛️ बनबसा में पहली बार जुटी धामी कैबिनेट

बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में आयोजित कैबिनेट बैठक को सीमांत क्षेत्रों में शासन की पहुंच बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकें होने से स्थानीय स्तर की समस्याओं, क्षेत्र की विकास संभावनाओं और लोगों की प्राथमिकताओं को सीधे सरकार के सामने रखने का अवसर मिलेगा।

🇮🇳 सीमांत क्षेत्र सुरक्षा के साथ विकास की भी अहम कड़ी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमांत इलाके केवल प्रदेश की भौगोलिक सीमा नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा, संस्कृति और विकास से भी जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।

सरकार का जोर इन इलाकों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में काम करने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

📍 स्थानीय जरूरतों पर मौके से निर्णय लेने पर जोर

सीएम धामी के अनुसार, जब सरकार की कैबिनेट बैठकें अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित होंगी तो वहां की वास्तविक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी।

इससे जन अपेक्षाओं और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर शासन स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी स्थानीय संदर्भ मिल सकेगा।

🚧 मैदानी और सीमांत क्षेत्रों के संतुलित विकास का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। उनका कहना है कि सीमांत गांवों से लेकर मैदानी इलाकों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य शासन को लोगों के करीब ले जाना और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों की विकास आवश्यकताओं को सीधे नीति-निर्णय से जोड़ना है। 🎯