🏔️ प्रवासी बुद्धिजीवियों से CM धामी का संवाद, उत्तराखंड के विकास की प्राथमिकताओं पर हुई चर्चा

नई दिल्ली | रविवार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में प्रदेश से जुड़े प्रवासी बुद्धिजीवियों से मुलाकात की। इस दौरान राज्य के विकास, रोजगार, पर्यटन, कनेक्टिविटी और पलायन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई और प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने प्रदेश की प्रगति को लेकर अपने सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में प्रवासी उत्तराखंडवासियों और प्रबुद्धजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी का आभार जताते हुए कहा कि बैठक में मिले सुझावों को राज्य के लिए तैयार की जाने वाली नीतियों में शामिल किया जाएगा।

📈 विकास के साथ रिवर्स माइग्रेशन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है। राज्य सरकार ने विकास को गति देने के लिए बजट को बढ़ाकर 1 लाख 12 हजार करोड़ रुपये किया है।

उन्होंने कहा कि रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए अभी अलग-अलग क्षेत्रों में और काम किए जाने की जरूरत है। पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

🚗 कनेक्टिविटी को बताया निवेश की ताकत

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की बेहतर होती कनेक्टिविटी को निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है।

उन्होंने बताया कि देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार को प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल बताते हुए उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर का पंतनगर कृषि के साथ औद्योगिक गतिविधियों के केंद्र के तौर पर भी विकसित हुआ है।

पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी उन्होंने औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

📊 SDG रैंकिंग और निवेश नीति का जिक्र

राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की SDG रैंकिंग में उत्तराखंड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि पर्वतीय और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार करने की दिशा में उत्तराखंड को अग्रणी स्थान मिला है।

👨‍💼 युवाओं और सरकारी भर्तियों पर CM धामी का जोर

रोजगार और भर्ती प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी भर्ती को प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार, 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया।

उन्होंने बताया कि 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं।

🏡 होमस्टे से स्थानीय रोजगार तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि होमस्टे, छोटे होटल, कृषि, बागवानी और स्थानीय उद्यमों के जरिए बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश का उल्लेख किया। उनके अनुसार, चारधाम यात्रा में कई गुना वृद्धि हुई है, जबकि कांवड़ यात्रा में करीब पांच करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख किया गया।

आदि कैलाश क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की बात मुख्यमंत्री ने कही। उनके अनुसार, इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला है।

⚖️ समान नागरिक संहिता और कानूनों का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर राज्य ने सुशासन और समान अधिकारों की दिशा में एक मॉडल प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, UCC लागू होने के बाद समाज में सकारात्मक वातावरण बना है तथा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है।

उन्होंने धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों का भी उल्लेख किया और कहा कि ये कदम उत्तराखंड की अस्मिता और डेमोग्राफी की रक्षा के लिए उठाए गए हैं।

🎓 शिक्षा व्यवस्था और मदरसा बोर्ड पर क्या बोले CM

शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समानता और आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे 250 से अधिक मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

🛣️ सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है।

उन्होंने युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जाने की बात भी कही।

🏅 खेलों में उत्तराखंड की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद उत्तराखंड की पहचान खेलभूमि के रूप में भी मजबूत हुई है। राज्य सरकार खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं और बेहतर अवसरों के विकास पर लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी युवा की मेहनत और उसके परिवार की उम्मीदों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।