भारत की चिप क्रांति को नई रफ्तार! Semicon 2.0 में 200 चिप-डिजाइन कंपनियों का लक्ष्य, ₹1.27 लाख करोड़ का बड़ा प्लान 🇮🇳💻

नई दिल्ली | 18 सितंबर 2026

भारत अब सिर्फ सेमीकंडक्टर बनाने की क्षमता विकसित करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि चिप डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, रिसर्च और टैलेंट डेवलपमेंट तक पूरा इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। SEMICON India 2026 में सरकार ने इसी व्यापक रणनीति का खाका सामने रखा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 का उद्घाटन किया। इसी दौरान Semicon 2.0 के तहत कम से कम 200 चिप-डिजाइन स्टार्टअप और कंपनियों को बढ़ावा देने तथा 1 लाख सेमीकंडक्टर तकनीशियन और फैक्ट्री-स्तरीय प्रतिभा तैयार करने का लक्ष्य सामने आया।

🚀 Semicon 2.0 में छह क्षेत्रों पर फोकस

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने SEMICON India 2026 के उद्घाटन सत्र में Semicon 2.0 की प्राथमिकताएं बताईं।

इस कार्यक्रम के तहत सेमीकंडक्टर क्षेत्र को छह प्रमुख स्तंभों के जरिए आगे बढ़ाने की योजना है—

  • चिप डिजाइन
  • मशीन और मटेरियल
  • फैब्रिकेशन यूनिट्स
  • एडवांस्ड पैकेजिंग
  • रिसर्च एवं डेवलपमेंट
  • टैलेंट डेवलपमेंट

सरकार का लक्ष्य इन सभी क्षेत्रों को जोड़कर देश में व्यापक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन तैयार करना है।

💰 Semicon 2.0 के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का प्रावधान

Semicon 2.0 को जुलाई 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इसके लिए ₹1,27,500 करोड़ का कुल बजटीय प्रावधान रखा गया है।

सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को अगले चरण तक ले जाना है।

SEMICON India 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने भी भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को और विस्तार देने तथा वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

🔬 200 चिप-डिजाइन कंपनियों को जोड़ने की तैयारी

Semicon 2.0 में चिप डिजाइन को प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा गया है। अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य भारत में कम से कम 200 स्टार्टअप और कंपनियों को चिप डिजाइन के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।

Semicon 1.0 के दौरान 105 स्टार्टअप ने चिप डिजाइन से जुड़ा काम शुरू किया था। इनमें से करीब 20 को लगभग ₹800 करोड़ की वेंचर कैपिटल फंडिंग मिली। अब अगले चरण में इस आधार को और बड़ा करने का लक्ष्य है।

👨‍💻 एक लाख तकनीशियन तैयार करने का लक्ष्य

सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियों के लिए केवल प्लांट और मशीनरी ही पर्याप्त नहीं है। प्रशिक्षित मानव संसाधन भी जरूरी है।

इसी को ध्यान में रखते हुए Semicon 2.0 के तहत 1 लाख कुशल तकनीशियन, क्लीनरूम कर्मियों और फैक्ट्री फ्लोर टैलेंट को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार के अनुसार, Semicon 1.0 के तहत 85,000 डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य था और चार वर्षों में करीब 70,000 डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

🏭 भारत में चिप उत्पादन ने पकड़ी रफ्तार

SEMICON India 2026 में सरकार ने यह भी बताया कि भारत का सेमीकंडक्टर सेक्टर अब उत्पादन के चरण में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि भारत के प्लांट्स से निकलने वाली चिप्स देश और दुनिया के ग्राहकों तक पहुंचना शुरू हो गई हैं। सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण के लिए 13.5 अरब डॉलर की राशि का भी उल्लेख किया।

सरकारी जानकारी के अनुसार, Semicon 1.0 के तहत अब तक 12 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को मंजूरी दी गई है, जिनमें कुल निवेश ₹1.64 लाख करोड़ से अधिक है।

🌐 दुनिया की कंपनियों को भारत में साझेदारी का न्योता

SEMICON India 2026 का फोकस सिर्फ घरेलू कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। सरकार ने वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों को भारत में निवेश, तकनीकी सहयोग और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया है।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक उद्योग जगत से भारत के साथ मिलकर पूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने की अपील की। Semicon 2.0 में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, भारतीय स्टार्टअप और चिप-डिजाइन कंपनियों के बीच सहयोग को आसान बनाने के लिए नियामकीय बदलाव भी किए जा रहे हैं।

🤖 AI से लेकर 5G और इलेक्ट्रिक वाहनों तक चिप की अहम भूमिका

सेमीकंडक्टर आज केवल मोबाइल या कंप्यूटर तक सीमित नहीं हैं। AI, 5G/6G, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, IoT, ऑटोमोबाइल और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसी वजह से भारत की सेमीकंडक्टर नीति में डिजाइन, उत्पादन, पैकेजिंग, सामग्री, मशीनरी, रिसर्च और कुशल मानव संसाधन को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

📅 19 सितंबर तक चलेगा SEMICON India 2026

SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है। कार्यक्रम की थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ रखी गई है।

इसमें वैश्विक और भारतीय कंपनियों, निवेशकों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और छात्रों की भागीदारी हो रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, आयोजन में 600 से अधिक कंपनियां, 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से अधिक एग्जीक्यूटिव और 150 से अधिक वक्ता शामिल हो रहे हैं।

भारत की सेमीकंडक्टर कहानी अब केवल योजनाओं और निवेश घोषणाओं तक सीमित नहीं रहने की दिशा में बढ़ रही है। Semicon 2.0 का अगला फोकस डिजाइन, उत्पादन, पैकेजिंग और कुशल प्रतिभा को एक ही इकोसिस्टम में जोड़ना है। 🇮🇳