भारत के सामान पर न्यूजीलैंड में नहीं लगेगा शुल्क, FTA को संसद की मंजूरी; जल्द लागू होगा समझौता 🇮🇳🇳🇿

नई दिल्ली | 16 सितंबर 2026

भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित Free Trade Agreement (FTA) लागू होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। न्यूजीलैंड की संसद ने समझौते को लागू करने वाले विधेयक को 93-29 मतों से मंजूरी दे दी है। इसके बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही FTA प्रभावी होने का रास्ता साफ हो गया है।

समझौते के तहत न्यूजीलैंड में भारतीय निर्यात को 100 प्रतिशत ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच मिलने का प्रावधान है। वहीं न्यूजीलैंड के करीब 95 प्रतिशत निर्यात पर भारत में शुल्क या तो समाप्त होगा या कम किया जाएगा।

🇳🇿 न्यूजीलैंड संसद में 93-29 से पास हुआ बिल

भारत-न्यूजीलैंड FTA को लागू करने वाला कानून बुधवार को न्यूजीलैंड की संसद से पारित हुआ। खास बात यह रही कि सरकार के साथ विपक्षी लेबर पार्टी ने भी इसका समर्थन किया। मतदान में विधेयक के पक्ष में 93 और विरोध में 29 वोट पड़े।

अब दोनों देशों में आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद समझौता लागू होगा। भारत के वाणिज्य सचिव के अनुसार FTA के अक्टूबर 2026 के अंत तक लागू होने की उम्मीद है।

📦 भारतीय सामान को मिलेगा 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस

FTA की सबसे अहम बात भारतीय निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड का बाजार है। भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार समझौता लागू होने के साथ सभी भारतीय निर्यातों को सभी क्षेत्रों में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा।

इससे भारतीय निर्यातकों, MSME, उद्यमियों और अन्य कारोबारियों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में व्यापार करने की व्यवस्था में बदलाव आएगा।

💰 न्यूजीलैंड से 20 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता

व्यापार समझौते के साथ निवेश को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।

दोनों देशों के बीच FTA का उद्देश्य व्यापार और आर्थिक सहयोग को व्यापक आधार देना है।

📈 न्यूजीलैंड के सामान पर भारत में क्या बदलेगा?

समझौते के प्रभावी होने के बाद न्यूजीलैंड से भारत आने वाले लगभग 95 प्रतिशत सामानों पर सीमा शुल्क या तो समाप्त होगा या कम किया जाएगा। इनमें से आधे से अधिक उत्पादों को शुरुआत से ही पूरी तरह शुल्क-मुक्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

हालांकि भारत ने अपने कुछ संवेदनशील कृषि और अन्य क्षेत्रों को FTA में संरक्षण दिया है। भारत के आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार डेयरी, कुछ कृषि उत्पाद, चीनी, कुछ पशु उत्पाद और अन्य संवेदनशील क्षेत्र संरक्षण के दायरे में रखे गए हैं।

🤝 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

FTA के अलावा भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया है। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए यह समझौता एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा जा रहा है।

भारत और न्यूजीलैंड ने अप्रैल 2026 में FTA पर हस्ताक्षर किए थे। अब न्यूजीलैंड की संसद से इसे लागू करने वाले कानून को मंजूरी मिलने के बाद समझौते के प्रभावी होने की प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है।

🗣️ न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने संसद की मंजूरी को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता न्यूजीलैंड में रोजगार और आय बढ़ाने के अवसर पैदा करेगा और भारत के बड़े बाजार तक न्यूजीलैंड के उत्पादों की पहुंच को आसान बनाएगा।

🇮🇳 भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है FTA?

FTA लागू होने के बाद भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में बिना सीमा शुल्क के प्रवेश मिलने का प्रावधान है। इसके साथ निवेश और व्यापार विस्तार से जुड़े प्रावधान भी हैं। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने के लिए यह समझौता एक नया ढांचा उपलब्ध कराता है।