काठमांडू | 5 सितंबर 2026
🇳🇵 नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण भोटे कोशी नदी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान 10वें दिन भी जारी है। नेपाल सरकार के 4 सितंबर के आधिकारिक अपडेट के अनुसार अब तक 1,287 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 5,083 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं।
इस भयावह आपदा के बीच शुक्रवार को ट्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो कर्मचारियों को जिंदा बाहर निकालना बड़ी राहत की खबर बनी। वहीं, प्रभावित इलाकों में सड़क, बिजली और दूरसंचार व्यवस्था बहाल करने का काम भी जारी है।
🌊 26 अगस्त की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
नेपाल के रासुवा, नुवाकोट, धादिंग समेत नदी के बहाव वाले अन्य जिलों में 26 अगस्त को भोटे कोशी नदी की भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक बाढ़ से घरों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान हुआ है।
🚨 13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया गया
नेपाल सरकार के 4 सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 13,093 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 300 से अधिक विदेशी नागरिक शामिल हैं।
इसी दौरान ट्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे दो कर्मचारियों को भी जिंदा बचाया गया। सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश के लिए नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के साथ भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की टनल रेस्क्यू टीमें भी काम कर रही हैं।
😔 करीब 5 हजार लोग अब भी लापता
आधिकारिक अपडेट में करीब 5,083 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। इनमें लगभग 600 विदेशी नागरिक हैं, जो 35 देशों से संबंधित बताए गए हैं। नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े तलाश और सत्यापन की प्रक्रिया के साथ लगातार अपडेट हो रहे हैं।
लापता लोगों की पहचान और बरामद शवों की शिनाख्त के लिए भारत, चीन, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया की फॉरेंसिक टीमें भी नेपाल में काम कर रही हैं।
💰 387.54 अरब नेपाली रुपये का शुरुआती नुकसान
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के शुरुआती आकलन के अनुसार भौतिक बुनियादी ढांचे, मानव बस्तियों, पुलों, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, ऊर्जा, बिजली और दूरसंचार समेत विभिन्न क्षेत्रों में कुल नुकसान करीब 387.54 अरब नेपाली रुपये यानी 2.6 अरब डॉलर आंका गया है।
प्रारंभिक पुनर्वास और रिकवरी के लिए अगले चार महीनों में करीब 7.95 अरब नेपाली रुपये (53 मिलियन डॉलर) की तत्काल जरूरत का अनुमान है।
🇮🇳 भारत समेत कई देशों की मदद जारी
नेपाल ने राहत और बचाव अभियान में सहयोग के लिए भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया समेत कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रति आभार जताया है।
भारत की ओर से करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी गई है और बचाव, फॉरेंसिक तथा मेडिकल सहायता के लिए 54 विशेषज्ञ नेपाल भेजे गए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन से 1,907 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर नेपाल लाया गया है, जबकि 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए गए हैं।
🏠 सड़क, बिजली और संचार बहाली पर जोर
नेपाल सरकार प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क, बिजली और टेलीकम्युनिकेशन सेवाओं को दोबारा शुरू करने के लिए काम कर रही है। साथ ही राहत सामग्री प्रभावित लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
सरकार ने आगे के बचाव और राहत कार्यों के लिए हाई-कैपेसिटी ड्रोन, LiDAR, बेली ब्रिज, डीएनए टेस्टिंग किट, ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार और अन्य उपकरणों की जरूरत भी बताई है।
🙏 तबाही के बीच दो जिंदगियां बचीं
बाढ़ के करीब 10 दिन बाद ट्रिशूली-3A परियोजना की सुरंग से दो कर्मचारियों का जिंदा निकलना बचाव अभियान के बीच उम्मीद की किरण लेकर आया है।
नेपाल में तलाश अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। सुरंगों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की खोज के साथ-साथ बरामद शवों की पहचान और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का काम जारी है।










