खटीमा | 31 अगस्त 2026
खटीमा में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रोजगार, भ्रष्टाचार, पर्यटन, पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सीधे सवाल किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है और शिकायत मिलने पर त्वरित जांच की जाती है।
🎯 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड तैयार करना है, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत न पड़े। सीमांत क्षेत्रों को भी उन्होंने विकास की प्राथमिकता में शामिल बताया।
🗣️ विद्यार्थियों ने बेबाकी से पूछे सवाल
मुख्यमंत्री ने सोमवार को सनातन धर्मशाला, खटीमा परिसर स्थित एक निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ में हिस्सा लिया। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के प्रश्नों के जवाब दिए।
📢 भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए 1064 टोल-फ्री नंबर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि कोई व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो टोल-फ्री नंबर 1064 अथवा संबंधित मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और प्राप्त शिकायतों की विशेष टीमों के माध्यम से त्वरित जांच की जाती है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की कार्यप्रणाली पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए।
🎯 ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ने की बात
मुख्यमंत्री ने अपने विजन का जिक्र करते हुए कहा कि वह ऐसा उत्तराखंड देखना चाहते हैं जहां युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए बाहर जाने की आवश्यकता न हो।
उन्होंने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के साथ बेहतर कनेक्टिविटी तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं, नदियों, वन संपदा, कृषि संसाधनों और शैक्षणिक संस्थानों को राज्य की महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं मानवीय संपदा बताया। इनका बेहतर उपयोग करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ काम कर रही है।
🇮🇳 सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने पर जोर
सीमांत क्षेत्रों से जुड़े छात्रा आल्या के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत कदम उठा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र देश का अंतिम छोर नहीं, बल्कि भारत का प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं। इसी सोच के साथ वहां बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली, पेयजल, पक्की सड़क, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी योजनाएं लागू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सीमांत क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोत्साहन और नई योजनाएं लाई जाएंगी।
🌱 विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्राथमिकता
कक्षा 11 की छात्रा रेखा ने 5 अगस्त की आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों और विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर सवाल किया।
जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा प्रदेश की बड़ी धरोहर है। विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जाएगी।
💼 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी रोजगार और करियर के अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
🏔️ उत्तराखंड में पर्यटन को मिली नई गति
पर्यटन से जुड़े छात्र अब्दुल के सवाल पर मुख्यमंत्री ने सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे जैसी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राज्य सरकार पर्यटकों के स्वागत, स्वच्छता, सुविधाओं और आतिथ्य पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के चलते उत्तराखंड में आने वाले पर्यटकों की वार्षिक संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है।
🔬 18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों की भागीदारी
संवाद कार्यक्रम में विभिन्न 18 विद्यालयों के लगभग 360 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। खुशबू हिंद पब्लिक स्कूल, अब्दुल आरपी स्कूल, सतवीर सिंह रोज पब्लिक स्कूल, देव विश्वास शिक्षा भारती स्कूल, आयुषी आईआईएचसीए, रिजवान जीआईसी, रुद्र प्रताप सिंह रोज पब्लिक स्कूल और शहीद हरि किशन इंटर कॉलेज समेत कई विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हुए।
कार्यक्रम में सोनू सिंह, हिमांशी, आलिदा, खुशी अवस्थी सहित अन्य विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास एवं पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रश्न पूछे।
👥 ये जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी और अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।











