नई दिल्ली/मुंबई | 22 अगस्त 2026
26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आरोपी हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी समेत छह फरार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। मुंबई पुलिस ने अदालत के आदेश को पाकिस्तान में तामील कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से मदद मांगी है। उद्देश्य इन आरोपियों के खिलाफ उनकी गैरमौजूदगी में मुकदमे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब भारतीय अदालत में 26/11 मामले के आरोपियों को उनकी अनुपस्थिति में मुकदमे का सामना कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 356 इस तरह की कार्रवाई का कानूनी प्रावधान देती है।
छह पाकिस्तानी आरोपियों पर कार्रवाई
26/11 मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी के अलावा साजिद मीर, अबू अलकामा, आसिम उर्फ अबू कहाफा और मेजर अब्दुर रहमान पाशा के खिलाफ भी उद्घोषणा आदेश जारी किए हैं।
सभी आरोपी पाकिस्तानी नागरिक हैं और भारत की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया में फरार बताए गए हैं।
गृह मंत्रालय से क्यों मांगी गई मदद?
विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम की ओर से अदालत में दाखिल अंतरिम रिपोर्ट में बताया गया कि मुंबई पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है।
पुलिस ने पाकिस्तान में मौजूद आरोपियों तक अदालत का उद्घोषणा आदेश इंटरपोल के माध्यम से तामील कराने के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मांगी है। गृह मंत्रालय ने 3 अगस्त को पुलिस के अनुरोध की पुष्टि की थी और इस संबंध में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा था।
BNSS की धारा 356 क्या कहती है?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS, 2023 की धारा 356 घोषित अपराधियों के खिलाफ उनकी अनुपस्थिति में पूर्ण आपराधिक सुनवाई का प्रावधान करती है। यह उन मामलों में लागू हो सकती है जहां आरोपी मुकदमे से बचने के लिए फरार है और उसकी तत्काल गिरफ्तारी की संभावना नहीं है।
यानी आरोपी भारत में अदालत के सामने मौजूद न हों, तब भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके खिलाफ मुकदमे को आगे बढ़ाने का रास्ता उपलब्ध है।
26/11 मामले में क्या है स्थिति?
मुंबई पुलिस अब अदालत द्वारा जारी उद्घोषणा आदेश को आरोपियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ रही है। पुलिस की ओर से गृह मंत्रालय से संपर्क इसी उद्देश्य से किया गया है।
अदालत में इस संबंध में अंतरिम रिपोर्ट दाखिल हो चुकी है और आगे की प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ेगी।
हाफिज सईद के खिलाफ पहलगाम मामले में भी कार्रवाई
हाफिज सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई केवल 26/11 मामले तक सीमित नहीं है। जुलाई 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम हमले के मामले में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था।
इसमें हाफिज सईद को लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का प्रमुख साजिशकर्ता नामजद किया गया था। उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और हमले की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। इसके बाद जम्मू की विशेष अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
अब गैरमौजूदगी में मुकदमे की दिशा में कदम
26/11 मामले में ताजा कार्रवाई का केंद्र आरोपियों को अदालत के आदेश की तामील कराना है। इसके बाद उनकी अनुपस्थिति में मुकदमे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
इस मामले में भारत की ओर से कानूनी कार्रवाई का दायरा अब पाकिस्तान में मौजूद फरार आरोपियों तक न्यायिक आदेश पहुंचाने और BNSS के तहत आगे की प्रक्रिया चलाने पर केंद्रित है। ⚖️









