उत्तराखंड के विकास मॉडल पर धामी ने दुनिया के सामने रखी सरकार की प्राथमिकताएं, UCC से निवेश और पर्यटन तक गिनाईं उपलब्धियां

नई दिल्ली | शुक्रवार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित The Economic Times World Leaders Forum 2026 में उत्तराखंड के विकास मॉडल, सुशासन, समान नागरिक संहिता, निवेश, रोजगार, पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों की योजनाओं पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे माहौल, कनेक्टिविटी विस्तार और पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। साथ ही जनवरी 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ के लिए तैयारियों की जानकारी देते हुए देशवासियों को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया।

UCC को सुशासन और समान अधिकारों से जोड़ा

धामी ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर राज्य ने सुशासन और समान अधिकारों की दिशा में नया मॉडल प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, UCC लागू होने के बाद समाज में सकारात्मक वातावरण बना है और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से निकली समान नागरिक संहिता की गंगा अब देश के दूसरे राज्यों को भी समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।

SDG रैंकिंग और रोजगार पर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की SDG रैंकिंग में उत्तराखंड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। पर्वतीय और पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में भी राज्य को निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार करने की दिशा में अग्रणी स्थान प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

पांच साल में 34 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियों का उल्लेख

रोजगार के मुद्दे पर धामी ने कहा कि राज्य गठन के बाद लगभग दो दशकों में करीब 16 हजार सरकारी नियुक्तियां हुई थीं, जबकि पिछले पांच वर्षों में ही 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।

उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और मदरसों पर कार्रवाई का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उसके स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी वर्गों को शामिल किया गया है।

धामी ने कहा कि इसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे 250 से अधिक मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान

मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए अभियान की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का काम किया जा रहा है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद निवेश पर जोर

धामी ने वर्ष 2023 में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद उत्तराखंड की औद्योगिक पहचान में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस समिट में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने निवेश प्रस्तावों को केवल एमओयू तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने के लिए नीतिगत और प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारी की। निवेशकों के अनुकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से राज्य में 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से कनेक्टिविटी को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में चल रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

करीब 125 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही। उनके अनुसार, इससे चारधाम यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर और पंतनगर एयरपोर्ट का जिक्र

धामी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय कम हुआ है।

उन्होंने बताया कि देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जबकि पंतनगर कृषि के साथ औद्योगिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को उन्होंने औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

चारधाम और कांवड़ यात्रा से पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की पर्यटन क्षमता को अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के प्रथम चरण में 47 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जबकि कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद इस क्षेत्र में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, इससे सीमांत क्षेत्रों की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूती मिली है।

बारह महीने पर्यटन पर सरकार का फोकस

धामी ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन को किसी एक मौसम तक सीमित रखने के बजाय पूरे साल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

चारधाम और धार्मिक-आध्यात्मिक पर्यटन के साथ साहसिक पर्यटन और विंटर टूरिज्म को भी बढ़ावा देने की बात उन्होंने कही। हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों को शीतकालीन पर्यटन के नए केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे सर्दियों में भी पहाड़ों में आर्थिक गतिविधियां जारी रहेंगी और स्थानीय लोगों को अपने गांवों में रोजगार के अवसर मिलेंगे।

सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की अवधारणा से जोड़ने पर जोर

आदि कैलाश यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

इसी सोच के तहत सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, कनेक्टिविटी, पर्यटन और आजीविका के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

AI और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।

राज्य में नवाचार नीति लागू किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे रहने वाले राज्य भविष्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार आधुनिक तकनीक और नवाचार के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।

निवेश के लिए कानून-व्यवस्था और बिजली पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सरकार का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर वातावरण देने के साथ नए उद्योगों के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

विकास मॉडल में रोजगार, निवेश और सीमांत क्षेत्र शामिल

धामी ने कहा कि उत्तराखंड का विकास केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है। सरकार ऐसा समावेशी और सतत विकास मॉडल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सीमांत क्षेत्रों के लिए नई पहचान, निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण और आम नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं शामिल हों।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ का निमंत्रण

मुख्यमंत्री ने आगामी जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार कुंभ के आयोजन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है।

धामी ने देशवासियों और कार्यक्रम में मौजूद लोगों को आगामी जनवरी 2027 के कुंभ में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। 📢