देहरादून | शुक्रवार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय क्षेत्रों में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करने के लिए विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और ग्रामीणों को योजनाओं के लिए कार्यालयों व बैंकों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। 🎯
मुख्यमंत्री आवास में शुक्रवार को ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, रिवर्स पलायन, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
विभाग मिलकर तैयार करें प्रभावी कार्ययोजना
बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की ओर से विभिन्न जनपदों में आयोजित प्रवासी पंचायतों तथा पलायन निवारण एवं स्वरोजगार जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी गई।
आयोग के सदस्यों ने पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा रिवर्स पलायन को गति देने को लेकर सुझाव भी दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने सभी विभागों को अपनी योजनाओं और गतिविधियों के जरिए समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
गांव स्तर तक पहुंचाई जाए योजनाओं की जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वरोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों या बैंकों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इसके लिए योजनाओं की जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। 📢
स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को रोजगार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार की काफी संभावनाएं हैं। स्थानीय संसाधनों के साथ पारंपरिक ज्ञान और कौशल को रोजगार से जोड़कर युवाओं के लिए गांव में ही आजीविका के अवसर तैयार करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के साथ उनकी गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
बेहतर आजीविका और सुविधाओं से ही संभव होगा रिवर्स पलायन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिवर्स पलायन को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं किया जा सकता। इसके लिए गांवों में बेहतर आजीविका, सुविधाओं और संभावनाओं का विकास जरूरी है।
उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ परिणामोन्मुखी तरीके से काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी, सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली और श्रीमती रंजना रावत मौजूद रहे।
इसके अलावा सचिव धीराज गर्ब्याल, डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अहमद इकबाल, अपर सचिव सौरभ गहरवार, श्रीमती अनुराधा पाल और संतोष बडोनी भी बैठक में उपस्थित रहे।









