नई दिल्ली | 14 अगस्त 2026
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के लिए दिल्ली के लाल किले पर तैयारियां पूरी हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस बार आयोजन में ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ और ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ को प्रमुखता दी गई है।
समारोह की सबसे खास बात यह होगी कि लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन होगा। इसके साथ ही देश की युवा शक्ति और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को समारोह की थीम से जोड़ा गया है।
21 तोपों की सलामी के साथ होगा ध्वजारोहण
लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे।
इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक ले जाएंगे। यहां तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टुकड़ी प्रधानमंत्री को ‘जनरल सैल्यूट’ देगी। इसके बाद प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए भारतीय सेना को समन्वयक सेवा की जिम्मेदारी दी गई है। गार्ड ऑफ ऑनर में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस से एक-एक अधिकारी तथा 24-24 जवान शामिल होंगे।
तिरंगा फहराते ही 21 तोपों की सलामी
प्रधानमंत्री के लाल किले की प्राचीर पर पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ उनका स्वागत करेंगे।
इसके बाद कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहायता करेंगी।
ध्वजारोहण के साथ 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के गनर्स स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी देंगे। इस बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे।
तिरंगे के साथ गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’ 🎵
राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के बाद इंटर-सर्विसेज गार्ड और पुलिस गार्ड की ओर से ‘राष्ट्रीय सलामी’ दी जाएगी।
इसके साथ सेना का बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाएगा। लाल किले पर मौजूद लोग भी इसके साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान होगा।
सेना के बैंड में एक जेसीओ और 25 अन्य रैंक के जवान शामिल होंगे। बैंड का संचालन सूबेदार ईश्वर सिंह करेंगे।
दो MI-17 हेलीकॉप्टर करेंगे पुष्पवर्षा
ध्वजारोहण के दौरान भारतीय वायु सेना के दो MI-17 हेलीकॉप्टर समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा करेंगे।
इनमें से एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम्’ अंकित ध्वज लेकर उड़ान भरेगा। हेलीकॉप्टरों की कमान विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय संभालेंगे।
पुष्पवर्षा के बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
2,500 बच्चे और युवा बनाएंगे ‘वंदे मातरम्’ की आकृति
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान होगा।
समारोह में सेना, नौसेना और वायु सेना के कैडेटों तथा ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों समेत कुल 2,500 लड़के और लड़कियां हिस्सा लेंगे।
ये सभी ज्ञानपथ पर लाल किले की प्राचीर के सामने बैठकर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। ‘विकसित भारत@2047’ की थीम को प्रदर्शित करने के लिए ज्ञानपथ पर विशेष दृश्य अवरोधक भी लगाए गए हैं।
देशभर से करीब 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।
इनमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की महिला उद्यमी, पीएम स्वनिधि योजना के स्ट्रीट वेंडर, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर, पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी, स्वच्छ भारत मिशन के शहरी सफाई कर्मचारी, युवा नवोन्मेषक, वैज्ञानिक, उत्कृष्ट स्टार्टअप, कौशल विकास योजना से प्रशिक्षित युवा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के उत्कृष्ट लाभार्थी शामिल हैं।
इसके अलावा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में 1,500 से अधिक लोगों को भी समारोह देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।
आमंत्रितों के लिए मेट्रो से लेकर व्हीलचेयर तक की व्यवस्था
15 अगस्त को समारोह स्थल तक पहुंचने के लिए सुबह 4 बजे से मेट्रो सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। आमंत्रित लोगों के लिए मेट्रो यात्रा निःशुल्क होगी और ई-निमंत्रण पत्र के साथ मेट्रो का QR कोड भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
छह स्थानों पर कुल 25 क्लोकरूम बनाए गए हैं। आगंतुकों की सहायता के लिए NCC और ‘मेरा भारत’ के कुल 200 स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।
व्हीलचेयर की जरूरत वाले लोगों की मदद के लिए NCC कैडेट मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में मौजूद रहेंगे।
मौसम की संभावित अनिश्चितता को देखते हुए माधव दास पार्क और 15 अगस्त पार्क में आमंत्रित लोगों के लिए रेन पोंचो की व्यवस्था भी की गई है।
इस बार झीलों के नाम पर होंगे बैठने के स्थान
2026 के गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की जगहों के नाम नदियों पर रखे गए थे। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने के स्थानों के नाम भारत की प्रमुख झीलों पर रखे गए हैं।
इनमें भीमताल, चिल्का, चंद्रताल, लोकतक, पैंगोंग त्सो, पुष्कर, वुलर, वेम्बनाड, हुसैन सागर, पुलिकट, कांकरिया समेत कुल 25 झीलों के नाम शामिल हैं।
समारोह के बाद चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद NCC कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक लाल किले परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाएंगे।
इस दौरान ‘प्लॉगिंग’ के जरिए कचरा एकत्र किया जाएगा और उसे तुरंत हटाने की व्यवस्था की जाएगी। संभावित बारिश को देखते हुए लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी और सीवेज व्यवस्था की सफाई एवं रखरखाव भी किया जा रहा है।
देशभर में 343 जगहों पर होंगे बैंड कार्यक्रम
स्वतंत्रता दिवस की भावना को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए 343 प्रमुख स्थानों पर बैंड प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं।
इनमें भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल, NCC, CRPF, ITBP, CISF, SSB, BSF, RPF, असम राइफल्स और अन्य संबंधित बलों के बैंड हिस्सा ले रहे हैं।
इन कार्यक्रमों वाले स्थानों पर आम जनता के लिए प्रवेश खुला रहेगा।
अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी फहरेगा तिरंगा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप में भारतीय नौसेना और स्थानीय प्रशासन की ओर से ध्वजारोहण किया जाएगा।
इस तरह 80वें स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह लाल किले पर होने के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में भी राष्ट्रीय पर्व की व्यापक तैयारियां की गई हैं।









