देहरादून | 12 अगस्त 2026
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 10 अगस्त तक 114 दिनों में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में 47 लाख 02 हजार 703 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 42 लाख 34 हजार 147 थी। यानी इस बार अब तक 4 लाख 68 हजार 556 अधिक यात्री चारधाम पहुंचे हैं।
मानसून की चुनौतियों के बीच राज्य सरकार यात्रा को मौसम और परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन तंत्र को लगातार अलर्ट रखने के निर्देश दिए हैं। 📢
बद्रीनाथ में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
10 अगस्त तक चारों धामों में सबसे अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं। आंकड़ों के मुताबिक यहां 16 लाख 12 हजार 112 यात्रियों ने दर्शन किए।
इसके बाद केदारनाथ में 14 लाख 50 हजार 116, गंगोत्री में 7 लाख 37 हजार 629 और यमुनोत्री धाम में 6 लाख 62 हजार 347 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
इसके अलावा हेमकुंट साहिब में भी 2 लाख 40 हजार 499 श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं।
एक दिन में 15 हजार से ज्यादा यात्रियों ने किए दर्शन
मौसम खराब होने और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद सोमवार को चारों धामों में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। एक ही दिन में 15 हजार 376 यात्रियों ने दर्शन किए।
इनमें बद्रीनाथ धाम में 9,559, केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
पिछले साल से 4.68 लाख ज्यादा यात्री
इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। 10 अगस्त तक यात्रा के 114 दिन पूरे होने पर कुल 47,02,703 श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके थे।
वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान 42,34,147 यात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए थे। इस तरह इस साल यात्रियों की संख्या में 4,68,556 की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
बद्रीनाथ में 16 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
बद्रीनाथ धाम की यात्रा 23 अप्रैल को शुरू हुई थी। 10 अगस्त तक 110 दिनों की अवधि में 16,12,112 श्रद्धालु बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं।
पिछले वर्ष समान 110 दिनों की अवधि में बद्रीनाथ धाम में 12,61,280 यात्री पहुंचे थे। इस लिहाज से इस बार बद्रीनाथ में 3,50,192 अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
पिछले वर्ष बद्रीनाथ यात्रा का शुभारंभ 4 मई 2025 को हुआ था।
मानसून के बीच सुरक्षा पर विशेष जोर
चारधाम यात्रा के दौरान मानसून की सक्रियता को देखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री स्वयं राज्य आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से आपदा प्रबंधन से जुड़े हालात पर नजर रख रहे हैं। जिलाधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।
भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की सहायता के लिए सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है। चारों धामों और यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
आपदा की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि भूस्खलन या किसी अन्य आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने जिलाधिकारियों को आपात परिस्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान में देरी न हो। श्रद्धालुओं को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
CM धामी बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने और जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, भूस्खलन अथवा अन्य आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था की जानी है। उन्होंने यात्रियों से मौसम के मिजाज को देखते हुए ही यात्रा करने की अपील की है।








