उत्तराखंड में सौर ऊर्जा से स्वरोजगार की नई राह, 1132 प्लांट से 210 मेगावाट उत्पादन; 3500 लोगों को मिला रोजगार ☀️

देहरादून | जून 2026 तक के आंकड़े

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (MSSY) हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी तैयार कर रही है। जून 2026 तक योजना के तहत राज्य में 1132 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,10,420 किलोवाट यानी करीब 210 मेगावाट है।

इन परियोजनाओं से करीब 3500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की बात सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योजना के तहत सौर ऊर्जा की क्षमता को बढ़ाकर 250 मेगावाट करने का लक्ष्य विभाग को दिया है।

20 से 200 किलोवाट तक के सोलर प्लांट

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत उत्तराखंड के स्थानीय निवासी 20, 25, 50, 100 और 200 किलोवाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर रहे हैं।

योजना में परियोजना लगाने वाले आवेदकों को एमएसएमई नीति-2023 के तहत मिलने वाले सभी लाभ दिए जा रहे हैं। जून 2026 तक स्थापित 1132 परियोजनाओं के अलावा बाकी परियोजनाओं पर स्थापना का काम जारी है।

सौर ऊर्जा के मामले में टिहरी सबसे आगे

जिलेवार आंकड़ों में टिहरी जिला सबसे आगे है। यहां अब तक 369 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 69,050 किलोवाट है।

इसके बाद उत्तरकाशी में 227 संयंत्रों से 43,660 किलोवाट और चंपावत में 144 संयंत्रों से 28,200 किलोवाट क्षमता स्थापित हुई है।

अन्य जिलों की स्थिति इस प्रकार है:

  • हरिद्वार: 86 संयंत्र, 16,900 किलोवाट क्षमता
  • पौड़ी: 88 संयंत्र, 15,440 किलोवाट क्षमता
  • चमोली: 72 संयंत्र, 11,725 किलोवाट क्षमता
  • अल्मोड़ा: 32 संयंत्र, 5,600 किलोवाट क्षमता

इसके अलावा देहरादून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की गई हैं।

3500 लोगों को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का उद्देश्य केवल सौर बिजली का उत्पादन बढ़ाना नहीं है। इसके जरिए ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं।

योजना के तहत स्थापित परियोजनाओं से करीब 3500 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की बात कही गई है।

योजना को पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और पलायन में कमी लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

250 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 250 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य दिया है।

इस योजना के जरिए राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग और उत्पादन को बढ़ाने के साथ स्थानीय निवासियों को ऊर्जा क्षेत्र में उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

CM धामी बोले- हरित ऊर्जा के साथ रोजगार भी जरूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना उत्तराखंड के युवाओं और राज्य के निवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ें। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलने के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती और पलायन को रोकने में भी मदद मिल रही है।