देहरादून | 10 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून, आपदा प्रबंधन, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, सत्यापन अभियान और सड़क सुधार समेत कई अहम मुद्दों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि मानसून खत्म होते ही सड़क सुधार का काम तेज किया जाए और 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने और आमजन से जुड़े कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मानसून को लेकर जिलों में अलर्ट रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को मानसून के मद्देनजर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से अपने फोन चालू रखने और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर नहीं रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संभावित आपदा से निपटने के लिए जरूरी संसाधनों और व्यवस्थाओं की पहले से तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि भारी बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और ड्रेनेज का तैयार होगा पूरा विवरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश या आपदा के कारण जिन स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, रास्ते टूटे या बंद हुए हैं अथवा ड्रेनेज व्यवस्था प्रभावित हुई है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत ब्योरा तैयार किया जाए।
ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित करने के बाद मानसून समाप्त होते ही मरम्मत और पुनर्निर्माण के काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किए जाएंगे।
15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य 🎯
मुख्यमंत्री धामी ने सड़क सुधार को लेकर अधिकारियों को समयसीमा भी तय कर दी। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही पूरे प्रदेश में गड्ढामुक्त सड़क अभियान शुरू किया जाए।
इसके लिए जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। काम की नियमित निगरानी भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को मानसून के बाद और गति देने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों से उन क्षेत्रों और गांवों में प्राथमिकता से शिविर लगाने के निर्देश दिए, जहां अभी तक कैंप आयोजित नहीं हुए हैं। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शिविर केवल औपचारिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें सरकारी सेवाओं से जोड़ने का माध्यम हैं।
1905 हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने को कहा।
उन्होंने राज्य में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक ही पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
PMGSY की पुरानी और खराब सड़कों की होगी पहचान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उन सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिन्होंने 5 वर्ष की अवधि पूरी कर ली है और जिनकी स्थिति खराब है।
उन्होंने इन सड़कों की स्थिति का आकलन कर डामरीकरण और सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। आवश्यकता के अनुसार ऐसी सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर और आवागमन को सुगम बनाना है।
मुख्यमंत्री घोषणाओं के कामों में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणाओं के तहत स्वीकृत विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ जमीन पर उतारने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिलाधिकारियों से इन कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी करने को कहा, ताकि योजनाएं समय पर पूरी हों और उनका लाभ आम जनता तक पहुंच सके।
कांवड़ यात्रा के बाद सफाई और नशे के खिलाफ अभियान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद प्रदेश में स्वच्छता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को प्रभावी बनाने और अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री व तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री ने कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए और किसानों, पशुपालकों तथा ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु मौजूद रहे। वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।









