CM धामी का बड़ा ऐलान: छात्रों के सुझावों से बनेगी उत्तराखंड की नीति, 140 मेधावी बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार 🎯

देहरादून | 10 अगस्त 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को छात्र-छात्राओं के साथ सीधे संवाद करते हुए कहा कि युवाओं के सुझावों को राज्य सरकार की नीतियों में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास के मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के 2828 सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के 11वीं और 12वीं कक्षा के 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल लॉन्च किया। इसी के साथ ‘मेरे सपनों का उत्तराखण्ड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर विद्यालयी छात्र-छात्राओं की निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत भी हुई।

140 विद्यार्थियों को मिलेगा सम्मान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सरकार करेगी मदद

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निबंध प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।

इन चयनित छात्र-छात्राओं के लिए NEET, JEE, CLAT और SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के साथ अन्य आवश्यक शुल्क का वहन भी राज्य सरकार करेगी।

यह घोषणा कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों के लिए प्रमुख आकर्षण रही।

खेल से लेकर पर्यटन और पर्यावरण तक छात्रों ने दिए सुझाव

मुख्यमंत्री के साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने राज्य के विकास से जुड़े कई सुझाव सामने रखे।

छात्रों ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड कराने, स्कूलों में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का विस्तार करने, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को आगे ले जाने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात रखी।

इसके अलावा विद्यार्थियों ने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने का सुझाव भी दिया।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की बातों को गंभीरता से लेते हुए उनके सुझाव स्वयं नोट किए और अधिकारियों को इनके आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।

‘नंबरों से ज्यादा जरूरी विषय की समझ’

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के छात्र ही आने वाले समय में उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार आगे बढ़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि परीक्षा में केवल नंबर हासिल करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि विषय की समझ विकसित करना ज्यादा जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जीवन में संस्कार और अनुशासन अपनाने की सलाह दी।

धामी ने कहा कि पढ़ाई को बोझ समझने के बजाय इसे अपने भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम मानना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के तरीके में बदलाव लाने पर भी जोर दिया।

‘लीडर वही, जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करे’

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में नेतृत्वकर्ता बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उनके अनुसार, लीडर वह है जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करता है।

उन्होंने कहा कि अपने काम के प्रति लगन, समाज के प्रति संवेदनशीलता और मेहनत किसी व्यक्ति को ऐसी पहचान दे सकती है, जो लंबे समय तक याद रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता सिर्फ खुद आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ाने में है। उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक इस्तेमाल करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

लक्ष्य के रास्ते में विकल्प नहीं, संकल्प जरूरी: CM धामी

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास करने और मुश्किल परिस्थितियों से सीख लेने की बात कही।

उन्होंने कहा कि जीवन में संकल्प लेना जरूरी है और उस संकल्प में कोई विकल्प नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, जब व्यक्ति बिना किसी विकल्प के लक्ष्य के प्रति संकल्प लेता है तो सफलता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की संभावना बढ़ती है।

उन्होंने दोहराया कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य में उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे।

AI के इस्तेमाल पर छात्रों को दी सलाह

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को लेकर भी सलाह दी।

उन्होंने कहा कि AI उपयोगी और ज्ञानवर्धक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही किया जाना चाहिए। अत्यधिक निर्भरता के कुछ दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी विषय को समझने के लिए सबसे पहले अपनी बुद्धि, विवेक और सोचने की क्षमता का इस्तेमाल करें। इसके बाद गुरुजनों के मार्गदर्शन और अनुभव से सीखें और आवश्यकता होने पर AI की सहायता लें।

उन्होंने कहा कि तकनीक सहयोगी होनी चाहिए, सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।

पढ़ाई के साथ खेलों पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ खेलों को बढ़ावा देना भी जरूरी है।

उन्होंने उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे युवाओं और समाज में खेलों को लेकर नई जागरूकता पैदा हुई है। अब विद्यार्थी खेलों में भी अपना भविष्य देख रहे हैं और अलग-अलग खेल विधाओं में आगे बढ़ने के लिए मेहनत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना भी लागू की है।

नई पीढ़ी की सोच को समझने की बात कही

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विद्यार्थियों की सोच, उनकी आकांक्षाओं और भविष्य को लेकर उनके विचारों से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि उनके घर में स्वयं जैन अल्फा और जैन जी हैं, इसलिए वह नई पीढ़ी की सोच, उनकी रुचियों और भविष्य को लेकर उनकी आकांक्षाओं को करीब से समझते हैं।

छात्रों के लिए संवाद का रास्ता खुला रखने का भरोसा

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि सरकार के साथ संवाद का रास्ता हमेशा खुला है। छात्र अपनी समस्याओं, सुझावों और विचारों को खुलकर सामने रख सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए हमेशा तैयार है। मुख्यमंत्री के अनुसार, लगातार संवाद के माध्यम से बेहतर समझ और बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।

ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव शिक्षा श्रीमती ज्योति यादव, अपर सचिव श्रीमती नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, गोविंद राम जायसवाल, राहुल अग्रवाल, रिया अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।