लखनऊ | 7 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर पारंपरिक बुनाई और हस्तशिल्प से जुड़े उत्कृष्ट कारीगरों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य स्तरीय समारोह में चयनित बुनकरों और हस्तशिल्प शिल्पियों को सम्मान प्रदान करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कारीगरों का उत्साहवर्धन करना और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देना है। 🇮🇳
राज्य स्तरीय समारोह में मिलेगा सम्मान
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित उत्कृष्ट बुनकरों एवं हस्तशिल्प शिल्पियों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह में उनके कार्य और पारंपरिक हस्तकला के संरक्षण में दिए गए योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
यह सम्मान समारोह हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहित करने की पहल का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक बुनाई कला को बढ़ावा देना और स्थानीय शिल्पकारों के योगदान को पहचान दिलाना है।
बुनकरों के योगदान को मिलेगी नई पहचान
हथकरघा क्षेत्र लंबे समय से प्रदेश के लाखों परिवारों की आजीविका का आधार रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्कृष्ट कारीगरों को सम्मानित कर नई पीढ़ी को भी इस पारंपरिक कला से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है।
संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार का महत्व
उत्तर प्रदेश में बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना संचालित की जाती है। इसके माध्यम से उत्कृष्ट हथकरघा उत्पाद तैयार करने वाले बुनकरों को सम्मानित किया जाता है, जिससे पारंपरिक शिल्प और स्थानीय हस्तकरघा उद्योग को बढ़ावा मिल सके।








