ग्लासगो | 1 अगस्त 2026
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक का अपना सबसे शानदार दिन दर्ज किया। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 6 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इस प्रदर्शन के बाद भारत की कुल पदक संख्या 23 पहुंच गई है। जूडो और एथलेटिक्स में मिले इन पदकों ने भारतीय दल की पदक तालिका में स्थिति को और मजबूत किया। 🏅🇮🇳
🥇 जूडो में भारत ने रचा इतिहास
भारत के लिए सबसे बड़ी सफलता जूडो में मिली। अस्मिता डे ने महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
इसके बाद हर्ष सिंह ने पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दूसरी बड़ी सफलता दिलाई। वहीं यामिनी मौर्य ने महिलाओं की 57 किलोग्राम स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।
🎯 एथलेटिक्स में भी भारत का दमदार प्रदर्शन
एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर इस स्पर्धा में भारत का पहला कॉमनवेल्थ पदक हासिल किया।
पुरुष भाला फेंक प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता, जबकि यश वीर सिंह ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। 🎯
📊 भारत के खाते में पहुंचे 23 पदक
एक दिन में मिले छह पदकों के बाद भारत की कुल पदक संख्या 23 हो गई है। भारतीय खिलाड़ी कई स्पर्धाओं में लगातार चुनौती पेश कर रहे हैं और प्रतियोगिता के अंतिम चरण में पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद बनी हुई है।
🥊 बॉक्सिंग में भी बढ़ी स्वर्ण पदकों की उम्मीद
भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी 10 सेमीफाइनल मुकाबले जीत लिए और अब 10 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंच चुके हैं। इसके साथ भारत के लिए कम से कम 10 रजत पदक सुनिश्चित हो चुके हैं, जबकि अब नजरें स्वर्ण पदक मुकाबलों पर टिकी हैं। 🥊










