देहरादून | 23 जुलाई 2026
उत्तराखंड के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए गुरुवार का दिन कई नई सौगातें लेकर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से श्रमिकों के हित में कई नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। साथ ही मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत दो अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो अब दूर-दराज़ के इलाकों में जाकर श्रमिकों को उनके कार्यस्थल और आवास पर ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। 🚑
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शुरू की गई नई योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
श्रमिक परिवारों को मिलेगा पोषण, बच्चों को शिक्षा सामग्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री पोषण योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों को पोषण सहायता दी जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आर्थिक अभाव उनकी शिक्षा में बाधा न बने।
इसके अलावा प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान से प्रेरित मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। इस योजना के तहत श्रमिक परिवारों को हाइजीन किट वितरित की जाएगी, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
योग, वेलनेस और रोजगार से जुड़ेंगे श्रमिकों के बच्चे
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना भी शुरू की गई है। इसके अंतर्गत पात्र छात्र-छात्राओं को योग एवं वेलनेस के क्षेत्र में पूरी तरह निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हर वर्ष 210 बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 70 युवाओं को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है।
अब गांव-गांव पहुंचेगी मोबाइल मेडिकल वैन
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण पहल मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत शुरू की गई मोबाइल मेडिकल वैन रही।
इन मेडिकल वैन में एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की जांचें पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध रहेंगी। इतना ही नहीं, टेली-कंसल्टेशन के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से भी परामर्श मिल सकेगा। जांच के बाद श्रमिकों के स्वास्थ्य की तीन महीने तक नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
फिलहाल इस सेवा की शुरुआत पौड़ी गढ़वाल और चम्पावत जिलों से की गई है, जिसे बाद में पूरे उत्तराखंड में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
“श्रमिक सिर्फ श्रमशक्ति नहीं, उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “श्रमेव जयते” के मंत्र से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार भी “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों को केवल श्रमशक्ति नहीं बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति मानती है। इसलिए सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले प्रत्येक श्रमिक और उसके परिवार को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
शिक्षा, मातृत्व, विवाह और आवास तक मिलेगी सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले से ही श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, महिला श्रमिकों के मातृत्व, बेटियों के विवाह और आवास निर्माण या घर खरीदने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।
इसके अलावा श्रमिकों को साइकिल, सिलाई मशीन, आवश्यक औजार और वृद्धावस्था में मासिक पेंशन जैसी योजनाओं के माध्यम से भी आर्थिक संबल दिया जा रहा है।
पंजीकरण नवीनीकरण कराने की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से अपील की कि वे उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अपना पंजीकरण समय-समय पर नवीनीकृत कराते रहें, ताकि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उन्हें मिलता रहे।
कार्यक्रम में बोर्ड के सचिव पी.सी. दुम्का ने बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों और नई योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।









