🌿 खटीमा का लोहियाहेड वाटर बाईपास बनेगा उत्तराखंड का नया पर्यटन आकर्षण, मुख्यमंत्री धामी ने किया स्थलीय निरीक्षण

खटीमा | जून 2026

उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऊधम सिंह नगर जिले के लोहियाहेड वाटर बाईपास का स्थलीय निरीक्षण कर यहां मौजूद प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास केवल एक प्राकृतिक स्थल नहीं, बल्कि भविष्य में उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल होने की क्षमता रखता है। राज्य सरकार इस क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती और स्थानीय विशेषताओं को सुरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगी।

🎯 शारदा कॉरिडोर और रिवर फ्रंट से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि शारदा कॉरिडोर और शारदा रिवर फ्रंट परियोजना के माध्यम से पूरे क्षेत्र के समग्र विकास की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, परिवहन, होटल, खान-पान और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनाना है।

💼 युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इससे छोटे व्यापारियों, स्थानीय उद्यमियों और आसपास के ग्रामीणों की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र की पर्यटन क्षमता का बेहतर उपयोग कर विकास का लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

🌱 विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय आवश्यकताओं और प्राकृतिक संतुलन को प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित जनपद एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।