📍 देहरादून | मंगलवार
उत्तराखंड बन रहा है शूटिंग हब 🎬: फिल्म नीति–2024 को मिली सराहना, क्षेत्रीय सिनेमा को नई उड़ान 🎯
देवभूमि उत्तराखंड अब सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक पहचान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि फिल्मों की शूटिंग और क्षेत्रीय सिनेमा के लिए भी देशभर में तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।
राज्य सरकार द्वारा फिल्मों और क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन ने खुलकर सराहना की है।
एसोसियेशन का कहना है कि राज्य में लागू की गई प्रभावी और व्यावहारिक फिल्म नीति–2024 से स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार और तकनीशियन सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं और इससे उत्तराखंड का क्षेत्रीय सिनेमा एक नई पहचान बना रहा है।
🤝 अनुदान पर जताया आभार, नीति को बताया गेमचेंजर
मंगलवार को उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन का एक प्रतिनिधिमंडल रिंग रोड स्थित सूचना भवन पहुंचा, जहां उन्होंने महानिदेशक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बंशीधर तिवारी से भेंट की।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय फिल्मों को अनुदान दिए जाने और सिनेमा को संस्थागत समर्थन प्रदान करने के लिए राज्य सरकार व परिषद का आभार व्यक्त किया।
🎥 फिल्म नीति–2024: स्थानीय प्रतिभाओं के लिए सुनहरा मौका
श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में लागू की गई फिल्म नीति–2024 में स्थानीय फिल्म उद्योग के हितों को केंद्र में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि—
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क्षेत्रीय फिल्मों को राज्य में किए गए कुल व्यय का अधिकतम 50% या 2 करोड़ रुपये तक अनुदान
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ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेब सीरीज़, टीवी सीरियल, डॉक्यूमेंट्री और लघु फिल्मों को भी अनुदान का लाभ
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स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और लाइन प्रोड्यूसरों को प्राथमिकता
इस नीति ने उत्तराखंड के फिल्मकारों को बाहर जाने की मजबूरी से मुक्त कर, यहीं से सिनेमा रचने का आत्मविश्वास दिया है।
🏆 राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेटा
श्री तिवारी ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय स्तर का फिल्म महोत्सव और फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। इसके लिए भारत सरकार के उपक्रम एनएफडीसी (NFDC) से पत्राचार किया जा रहा है।
साथ ही, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद की वेबसाइट को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जहां प्रदेश के सभी स्थानीय फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार और तकनीशियन का विस्तृत डेटा उपलब्ध होगा।
🎞️ “नीति के नतीजे अब ज़मीन पर दिख रहे हैं”
उत्तराखण्ड फिल्म एंड म्यूजिक एसोसियेशन के संरक्षक श्री अनुज जोशी ने कहा कि परिषद द्वारा क्षेत्रीय सिनेमा के हित में किए जा रहे प्रयास ऐतिहासिक हैं।
उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में गठित समिति की बैठक में स्थानीय फिल्मों को अनुदान दिया गया, जिससे प्रदेश के फिल्म निर्माताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है।
उन्होंने राज्य में फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने का भी अनुरोध किया, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को और अधिक मंच मिल सके।
कार्यक्रम में परिषद के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय, एसोसियेशन के उपाध्यक्ष बृजेश भट्ट, महासचिव गंभीर जयाड़ा सहित अनेक फिल्मकर्मी उपस्थित रहे।
🎯 कुल मिलाकर, उत्तराखंड अब कैमरे के सामने सिर्फ खूबसूरत लोकेशन नहीं, बल्कि सशक्त कहानी और स्थानीय पहचान के साथ खड़ा नजर आ रहा है।









